भोपाल
मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा नाबालिग बालक-बालिकाओं की गुमशुदगी एवं अपहरण के प्रकरणों में संवेदनशीलता, तत्परता और आधुनिक तकनीक के समन्वय से लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में सागर पुलिस ने वर्षों से लंबित अपहरण के 22 प्रकरणों में गुम/अपहृत बालक-बालिकाओं को सकुशल दस्तयाब कर उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। इन प्रकरणों में पुलिस टीमें मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ-साथ गुजरात एवं महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों तक पहुंचीं और लंबे समय से अपने बच्चों की प्रतीक्षा कर रहे परिवारों को राहत प्रदान की।
पुलिस अधीक्षक सागर अनुराग सुजानिया के निर्देशन में जिले में लंबे समय से लंबित अपहरण प्रकरणों की विशेष समीक्षा कर प्रत्येक प्रकरण के लिए सुनियोजित कार्ययोजना तैयार की गई। पुलिस अधीक्षक द्वारा चिन्हित प्रकरणों में विशेष पुलिस टीमों का गठन कर उन्हें अलग-अलग टास्क सौंपे गए।
पुलिस टीमों ने परिचितों से प्राप्त जानकारी सहित अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। तकनीकी विश्लेषण से प्राप्त संभावित स्थानों एवं सुरागों के आधार पर पुलिस टीमों ने मैदानी स्तर पर कार्रवाई करते हुए संबंधित स्थानों पर पहुंचकर दस्तयाबी की कार्रवाई की।
9 वर्ष से लंबित प्रकरण में लौटी परिवार की खुशियां
थाना भानगढ़ में एक अपहृता के घर से स्कूल जाने के बाद वापस नहीं लौटने पर प्रकरण दर्ज किया गया था। लगभग 9 वर्षों से लंबित इस प्रकरण में पुलिस द्वारा अपहृता से संबंधित नवीनतम आधार कार्ड एवं अन्य व्यक्तिगत जानकारी प्राप्त कर तकनीकी विश्लेषण के दौरान अपहृता के नवीनतम पते की जानकारी प्राप्त कर सकुशल दस्तयाब किया। लगभग नौ वर्ष बाद अपनी बेटी को सकुशल सामने देखकर परिजनों की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े।
तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण से सूरत तक पहुंची पुलिस
थाना रहली में दर्ज अपराध में तकनीकी विश्लेषण कर लोकेशन के आधार पर अपहृता की उपस्थिति सूरत, गुजरात में होना पाया गया। पुलिस टीम द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए सूरत पहुंचकर अपहृता को सकुशल दस्तयाब किया गया।
परिजनों से निरंतर समन्वय कर बीना पुलिस ने अपहृता को खोज निकाला
थाना बीना में दर्ज अपराध के तहत को पुलिस द्वारा अपहृता के परिजनों से लगातार समन्वय स्थापित कर उपलब्ध जानकारी का संकलन किया गया। प्राप्त महत्वपूर्ण सुरागों के आधार पर तलाश को आगे बढ़ाया गया और अपहृता को सकुशल दस्तयाब किया।
स्कूल जाने की बात कहकर निकली, महाराष्ट्र में मिली
स्कूल जाने की बात कहकर घर से निकली अपहृता के वापस नहीं लौटने पर थाना केसली में प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। पुलिस द्वारा प्रकरण में संदेही के परिजनों से लगातार समन्वय स्थापित कर महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की गई। प्राप्त सुरागों के आधार पर पुलिस टीम द्वारा नलवाड़ी, महाराष्ट्र पहुंचकर अपहृता को सकुशल दस्तयाब किया गया।
इसी प्रकार एक अन्य प्रकरण में थाना केसली में घर से बिना बताए चले जाने के बाद वापस नहीं आने पर प्रकरण दर्ज किया गया था।
पुलिस द्वारा अपहृता की बहन से लगातार समन्वय स्थापित कर उसकी संभावित उपस्थिति के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त कर चिंचवाड़ा, महाराष्ट्र से दस्तयाब किया।
22 परिवारों में लौटी खुशियां
सागर पुलिस की इस विशेष कार्ययोजना के अंतर्गत कुल 22 लंबित प्रकरणों में गुम/अपहृत बालक-बालिकाओं की दस्तयाबी की गई। इनमें ऐसे प्रकरण भी शामिल हैं, जो लंबे समय से लंबित थे और जिनमें परिजन वर्षों से अपने बच्चों की वापसी की प्रतीक्षा कर रहे थे।
इन प्रकरणों में पुलिस ने परिजनों से निरंतर संपर्क, व्यक्तिगत जानकारी का अद्यतन संकलन, साइबर तकनीक का उपयोग और मैदानी पुलिसिंग को एक साथ जोड़कर बालिकाओं की दस्तयाबी सुनिश्चित की।
इस समन्वित प्रयास का परिणाम रहा कि लंबे समय से लंबित मामलों में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई और अनेक परिवारों के चेहरों पर वर्षों बाद खुशी लौटी।
सागर पुलिस की यह कार्रवाई दर्शाती है कि पुराने एवं लंबित प्रकरणों में भी यदि सुनियोजित समीक्षा, आधुनिक तकनीक, साइबर विश्लेषण, उपलब्ध व्यक्तिगत जानकारी के अद्यतन संकलन और निरंतर मैदानी प्रयास किए जाएं, तो लंबे समय बाद भी महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की जा सकती है।
मध्यप्रदेश पुलिस नाबालिग बालक-बालिकाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए गुमशुदगी एवं अपहरण के प्रत्येक प्रकरण में त्वरित, संवेदनशील एवं प्रभावी कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है।
मध्यप्रदेश पुलिस अपील करती है कियदि कोई बालक या बालिका गुम होता है तो परिजन बिना किसी देरी के तत्काल नजदीकी पुलिस थाना अथवा पुलिस को सूचना दें। समय पर प्राप्त सूचना पुलिस को त्वरित कार्रवाई करने तथा बच्चे को जल्द से जल्द सुरक्षित दस्तयाब करने में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करती है।

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