जगदलपुर.
राशन वितरण में गड़बड़ी पर जगदलपुर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया। शहर की दो दुकानों के संचालक हटाए गए। स्टॉक और वितरण में भारी अंतर मिला। ग्रामीण क्षेत्रों की चार दुकानों की जांच जारी है। दोषियों पर निलंबन और एफआईआर की तैयारी है। कलेक्टर ने साफ चेतावनी दी है। गरीबों के हक से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा। औचक निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं।
पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर है। कार्रवाई से माफियाओं में हड़कंप है। प्रशासनिक सख्ती का असर दिखने लगा है। पीडीएस व्यवस्था पटरी पर लाने की कोशिश तेज है। लगातार मिल रही शिकायतों और जांच में शॉर्टेज की पुष्टि के बाद यह कदम उठाया गया। कार्रवाई से राशन दुकानदारों में हड़कंप मच गया है। विभागीय जांच में कई दुकानों पर राशन की कमी पाई गई। अधिकारियों के अनुसार, पिछले वर्ष भी 66 राशन दुकानों में शॉर्टेज का मामला सामने आया था। इसके बावजूद सुधार नहीं होने पर इस बार सीधे निलंबन की कार्रवाई की गई।
एसडीएम को सौंपी जिम्मेदारी
प्रशासन ने हर ब्लॉक में कार्रवाई की जिम्मेदारी संबंधित एसडीएम को सौंपी है। जिन दुकानदारों ने समय पर राशन वितरण या राशि जमा नहीं की, उनके खिलाफ सख्त रुख अपनाया गया है। कुछ दुकानदारों को पूर्व में चेतावनी भी दी गई थी, लेकिन लापरवाही जारी रहने पर निलंबन किया गया।
नई एजेंसियों को सौंपी जा रही दुकानें
सूत्रों के मुताबिक, कई स्थानों पर नई एजेंसियों से राशन दुकानों का संचालन कराया जा रहा है, ताकि वितरण व्यवस्था सुचारु रह सके। विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में और भी कार्रवाई संभव है।

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