रायपुर
जनपद पंचायत बीजापुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत संतोषपुर, जो कभी लंबे समय तक नक्सल प्रभाव से प्रभावित रहा, आज बदलाव और विकास की नई पहचान बनता जा रहा है। ‘‘नियद नेल्लनार योजना‘‘ के शुरू होने के बाद गांव में बुनियादी सुविधाओं और रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इस बदलाव की कहानी के केंद्र हैं संतोषपुर निवासी रमेश पासपुल। कभी स्थायी रोजगार के अभाव में आर्थिक तंगी से जूझ रहे रमेश का जीवन आज पूरी तरह बदल चुका है। परिवार की जिम्मेदारियों के बीच आय का कोई निश्चित साधन न होने से उनका भविष्य अनिश्चित नजर आता था।
परिस्थितियां तब बदलीं जब ‘‘नियद नेल्लनार योजना‘‘ के तहत उन्हें राजमिस्त्री (मेसन) का प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिला। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की बारीकियों, तकनीकी ज्ञान और व्यावहारिक कौशल में दक्षता हासिल की। यह प्रशिक्षण उनके जीवन का महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ। प्रशिक्षण के बाद वित्तीय वर्ष 2024-25 में रमेश को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास की स्वीकृति मिली। पहली किश्त प्राप्त होते ही उन्होंने अपने घर का निर्माण स्वयं शुरू किया और निर्धारित समय-सीमा में इसे पूरा कर लिया। उनके कार्य की गुणवत्ता देखकर गांव के अन्य हितग्राहियों ने भी अपने-अपने आवास निर्माण के लिए उन्हें बुलाने लगे, जिससे उनके लिए नियमित आय का साधन तैयार हो गया।
आज रमेश पासपुल एक कुशल राजमिस्त्री के रूप में गांव में पहचान बना चुके हैं। वे न केवल आत्मनिर्भर बने, बल्कि अन्य ग्रामीणों के लिए भी प्रेरणा स्रोत बन गए हैं। उनकी बढ़ती मांग ने उनके जीवन में स्थिरता और खुशहाली ला दी है। रमेश की यह प्रेरक यात्रा इस बात का प्रमाण है कि सही दिशा में मिला प्रशिक्षण और अवसर किसी भी व्यक्ति के जीवन को नई दिशा दे सकता है। नक्सल प्रभावित क्षेत्र से निकलकर आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ना आसान नहीं था। लेकिन उन्होंने अपने परिश्रम और शासन की योजनाओं के सहयोग से इसे संभव कर दिखाया। यह कहानी केवल एक व्यक्ति की सफलता नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक परिवर्तन की सशक्त मिसाल है।

More Stories
NEET UG 2026: छत्तीसगढ़ के शिप्रक और चार्वी बने संयुक्त स्टेट टॉपर, 99.99 परसेंटाइल हासिल
रायपुर उपभोक्ता फोरम के फैसले को चुनौती देगी मारुति सुजुकी, E20 ईंधन पर कार को बताया पूरी तरह सक्षम
भिलाई स्टील प्लांट: सेक्टर-6 के आवास सबसे पहले कराए जाएंगे खाली