कवर्धा.
कवर्धा के कैलाश नगर वार्ड क्रमांक 3 स्थित एसएलआरएम (अपशिष्ट प्रबंधन) केंद्र में बीती रात भीषण आग लग गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सरोवर तालाब के पास स्थित इस केंद्र में लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया और सुबह तक उस पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका।
जानकारी के अनुसार, आग अचानक भड़क उठी और देखते ही देखते पूरे केंद्र को अपनी चपेट में ले लिया। केंद्र में रखे कचरे और ज्वलनशील सामग्री के कारण आग तेजी से फैलती गई, जिससे नुकसान का दायरा बढ़ता चला गया। घटना की सूचना तत्काल फायर ब्रिगेड को दी गई, लेकिन आरोप है कि दमकल की गाड़ियां समय पर नहीं पहुंचीं, जिससे आग पर काबू पाने में देरी हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर फायर ब्रिगेड समय पर पहुंच जाती, तो नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता था। आग की लपटें और धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई दे रहा था, जिससे आसपास के क्षेत्रों में भी दहशत का माहौल बन गया। कई लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन संसाधनों की कमी के चलते वे ज्यादा सफल नहीं हो सके। इस बीच, फायर ब्रिगेड के देरी से पहुंचने को लेकर लोगों में नाराजगी देखने को मिली और उन्होंने प्रशासन के खिलाफ विरोध भी जताया।
घटना के बाद प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आग लगने का कारण क्या था। साथ ही, फायर ब्रिगेड की प्रतिक्रिया में हुई देरी की भी जांच की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। यह घटना न केवल सुरक्षा इंतजामों की पोल खोलती है, बल्कि आपातकालीन सेवाओं की तत्परता पर भी सवाल खड़े करती है। अब देखना होगा कि जांच के बाद क्या कदम उठाए जाते हैं और क्या इससे भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सकेगी।

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