दंतेवाड़ा.
दंतेवाड़ा जिले के गीदम में 61 लाख रुपये से अधिक की साइबर ठगी का खुलासा करते हुए पुलिस ने अंतर्राज्यीय गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जांच में सामने आया कि आरोपी अलग-अलग लोगों के नाम से बैंक खाते संचालित कर ठगी की रकम जमा करते थे और बाद में उसे क्रिप्टो करेंसी के जरिए आगे ट्रांसफर किया जाता था.
विशेष टीम ने केरल पहुंचकर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया. पूछताछ में कई बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन से जुड़े अहम सुराग मिले हैं. एक आरोपी गिरफ्तारी के बाद फरार भी हुआ, लेकिन अगले ही दिन दोबारा पकड़ लिया गया. पुलिस अब डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है. यह कार्रवाई साइबर अपराध के बढ़ते नेटवर्क पर बड़ी सफलता मानी जा रही है.
साइबर ठगों के पास ₹7.5 लाख कैश
ज्ञात हो कि रामपुर जिले के थाना पटवाई क्षेत्र में पुलिस ने चेकिंग अभियान चलाया था. इसी दौरान सोहना पुल रोड पर एक संदिग्ध थार गाड़ी को रोककर उसकी तलाशी ली गई. गाड़ी में सवार तीन व्यक्तियों की गतिविधियां संदिग्ध लग रही थीं, जब पुलिस ने गहनता से पूछताछ की तो कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए. गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मुरादाबाद निवासी कैलाश सिंह और रामपुर निवासी विवेक कुमार और हरविंदर सिंह के रूप में हुई है.
आरोपियों के कब्जे से करीब साढ़े सात लाख रुपये की नकदी बरामद की गई. इसके अलावा एक लैपटॉप, एक एटीएम कार्ड स्वाइप मशीन, छह मोबाइल फोन, विभिन्न कंपनियों की छह मोहरें, चार बिल बुक, 18 एटीएम कार्ड, 15 चेकबुक, चार अलग-अलग बैंकों की पासबुक, एक भारतीय पासपोर्ट और आधार और पैन कार्ड सहित कई अहम दस्तावेज बरामद हुए हैं.

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