भोपाल
भोपाल शहर में लोग अब पेट्रोल-डीजल वाहनों की बजाय बैटरी चालित इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को तेजी से अपना रहे हैं। क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) भोपाल के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2026 के पहले छह महीनों में 8,271 ई-वाहनों का पंजीयन हुआ, जबकि वर्ष 2025 की इसी अवधि में यह संख्या 4,812 थी।
यानी एक वर्ष में ई-वाहनों की बिक्री में लगभग 72 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इस दौरान 3,459 अधिक ई-वाहन बिके। सबसे अधिक बढ़ोतरी ई-स्कूटर और ई-बाइक की बिक्री में हुई है। इनके बाद ई-आटो और छोटी ई-कारों की मांग भी तेजी से बढ़ी है।
बचत बनी सबसे बड़ी वजह
ई-वाहनों की बढ़ती लोकप्रियता के पीछे तीन प्रमुख कारण सामने आए हैं। पहला, पेट्रोल 105 से 110 रुपये प्रति लीटर और डीजल 90 रुपये प्रति लीटर से अधिक होने के कारण ईंधन खर्च लगातार बढ़ रहा है। वहीं, एक बार ई-वाहन चार्ज करने में केवल 15 से 20 रुपये का खर्च आता है, जिससे उपभोक्ताओं को हर महीने लगभग 2,000 से 3,000 रुपये तक की बचत हो रही है।
ई-20 पेट्रोल की चिंता भी
हाल में ई-20 पेट्रोल को लेकर पुरानी गाड़ियों में माइलेज और इंजन संबंधी संभावित समस्याओं की चर्चाओं के बाद लोग इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं। शहर में पिछले एक वर्ष के दौरान सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ी है। इसके साथ ही वाहन निर्माता कंपनियां बैटरी पर तीन से पांच वर्ष तक की वारंटी भी दे रही हैं।
साल तक अंत तक यह संख्या बढ़ेगी
इसके पीछे सबसे बड़ा कारण रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन में छूट है। दोपहिया पर टैक्स पूरी तरह माफ है। साथ ही लोग अब ईंधन के खर्च से बचने के लिए भी ईवी को व्यवहारिक विकल्प मान रहे हैं। साल के अंत तक यह संख्या और बढ़ेगी। – जितेंद्र शर्मा, आरटीओ भोपाल।

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