भोपाल
भाजपा सांसद आलोक शर्मा की राजधानी भोपाल का नाम बदलने की घोषणा के साथ ही मध्य प्रदेश में सियासी घमासान शुरु हो गया है। कांग्रेस ने भोपाल परिवर्तन को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने इसे महज एक राजनीतिक शिगूफा बताया है और आरोप लगाए हैं कि सरकार ऐसे बेकार के मुद्दों को छोड़कर विकास के कार्य की ओर ध्यान दें।
कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव बरौलिया ने कहा कि आलोक शर्मा जी भोपाल का नाम वैसे भी गड्डों के शहर के नाम से विख्यात हो चुका है। 90 degree के नाम से विख्यात हो चुका है। आज भोपाल शहर की जो दुर्दशा है वह किसी से छुपी नहीं है। लेकिन आप सिर्फ नाम बदलने की सियासत कर रहे हैं, राजनीति कर रहे हैं। हिंदू मुस्लिम को बांटने का काम कर रहे हैं। नाम बदलना है आपका double engine की सरकार है बदल दीजिए लेकिन काम तो करिए। भोपाल जिस तरीके से आज जूझ रहा है- सांस लेना मुश्किल हो गया है, पॉल्यूशन बढ़ गया है, अपराध बढ़ रहे हैं। इन सब पर आपका मुंह नहीं खुलता है लेकिन नाम बदलने पर खुलता है।
बता दें कि भोपाल शहर का नाम महान राजा भोज के नाम पर रखने की तैयारी शुरू हो गई है। सांसद आलोक शर्मा ने घोषणा करते हुए कहा कि वे भोपाल का नाम राजा भोजपाल करने का प्रस्ताव संगठन और सरकार के समक्ष रखेंगे।
सांसद ने कहा कि भोपाल का बड़ा तालाब राजा भोज की देन है, इसलिए शहर का नाम भी उन्हीं के नाम पर होना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस प्रस्ताव को पहले नगर निगम से पारित कराया जाएगा, फिर राज्य सरकार और अंत में केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा। आलोक शर्मा ने कहा—मैं लोकसभा में भोपाल की आवाज़ को दमदारी से रखूंगा और शहर के गौरवशाली इतिहास को उसका असली सम्मान दिलाऊंगा।

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