भोपाल.
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में प्रदेश के कुल एक करोड़ 90 लाख बिजली उपभोक्ताओं में से लगभग एक करोड़ 40 लाख अर्थात 74 प्रतिशत उपभोक्ताओं को सस्ते दर पर बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। उपभोक्ता श्रेणी के आधार पर यह दर अधिकतम 2.78 रुपये प्रति यूनिट तक होती है, जो कि वास्तविक दर 7.05 प्रति यूनिट से काफी कम है। इन उपभोक्ताओं को दी जा रही सब्सिडी का भार राज्य शासन द्वारा वहन किया जाता है।
मंत्री तोमर ने बताया है कि राज्य शासन द्वारा अटल गृह ज्योति योजना के अंतर्गत हर माह लगभग एक करोड़ घरेलू उपभोक्ताओं से प्रथम 100 यूनिट पर मात्र 100 रुपये ही लिये जा रहे हैं। इसी तरह अटल कृषि ज्योति योजना में लगभग 28 लाख कृषि उपभोक्ताओं से कुल वार्षिक देयक की मात्र 7 से 15 प्रतिशत राशि 2 किश्तों में ली जा रही है। इन दोनों योजनाओं में इनके वास्तविक बिजली बिल के अंतर की राशि राज्य शासन द्वारा सब्सिडी के रूप में विद्युत वितरण कम्पनियों को दी जा रही है।
राज्य शासन द्वारा एक हेक्टेयर तक की भूमि एवं 5 एचपी क्षमता तक के स्थाई पम्प कनेक्शन वाले अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के कृषकों को नि:शुल्क बिजली दी जा रही है।
आवश्यकता अनुसार उपभोक्ताओं के हित को ध्यान में रखते हुए बिजली का विक्रय भी किया जाता है। पॉवर एक्सचेंज में विद्युत विक्रय केवल लाभकारी परिस्थितियों में ही किया जाता है, जब राज्य के भीतर विद्युत माँग अपेक्षाकृत कम होती है। साथ ही बाजार दर उपलब्ध अधिशेष विद्युत की लागत से अधिक होती है। इसकी निगरानी के लिये जबलपुर में 24×7 कंट्रोल रूम बनाया गया है। इसके माध्यम से पॉवर एक्सचेंज में विद्युत विक्रय/क्रय का निर्णय लिया जाता है।

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