भोपाल
"नशे से दूरी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।" इसी संदेश के साथ विश्व मादक पदार्थ दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी निरोधक दिवस (International Day Against Drug Abuse and Illicit Trafficking) के अवसर पर मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा पुलिस प्रशिक्षण शाला, उज्जैन में संचालित 6वें नव आरक्षक बुनियादी प्रशिक्षण सत्र के दौरान विशेष जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला का शुभारंभ पुलिस अधीक्षक श्रीमती मनीषा पाठक सोनी द्वारा किया गया। उन्होंने मादक पदार्थों के दुष्प्रभाव, नशा मुक्ति के महत्व, पुलिस की सामाजिक जिम्मेदारी तथा समाज में नशा विरोधी जन-जागरूकता अभियान की आवश्यकता के संबंध में जानकारी दी।
कार्यशाला में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी), इंदौर के निरीक्षक श्री गौरव जायसवाल ने मादक पदार्थों के दुष्प्रभाव, अवैध तस्करी की कार्यप्रणाली, नशे की लत से होने वाले सामाजिक, आर्थिक एवं नैतिक दुष्परिणाम तथा इससे जुड़े अपराधों के संबंध में बताया।
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को मादक पदार्थों से संबंधित सूचना देने हेतु संचालित टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1933 की जानकारी दी गई तथा नागरिकों से इस हेल्पलाइन का अधिकाधिक उपयोग कर नशे के विरुद्ध अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम में युवाओं से अपील की गई कि वे स्वयं नशीले पदार्थों से दूर रहें, अपने साथियों को भी नशे की ओर बढ़ने से रोकें तथा स्वस्थ, सुरक्षित एवं नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।
कार्यशाला के समापन पर उपस्थित सभी नव आरक्षकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गई। उन्होंने स्वयं नशीले पदार्थों से दूर रहने, समाज में नशे के विरुद्ध जन-जागरूकता फैलाने तथा युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए सक्रिय रूप से कार्य करने का संकल्प लिया।

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