ग्वालियर
ग्वालियर हाईकोर्ट की युगल पीठ ने घरेलू विवाद से जुड़े बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए पत्नी को पति के साथ रहने की अनुमति दे दी। साथ ही महिला की मानसिक और भावनात्मक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक महिला आरक्षक को छह माह के लिए “शौर्य दीदी” के रूप में नियुक्त किया।
यह याचिका आकाश नामक व्यक्ति ने दायर की थी। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि उसकी पत्नी को बंधक बनाकर रखा गया है और शिकायत के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
पति के साथ रहना चाहती है पत्नी
सुनवाई के दौरान ग्वालियर के झांसी रोड थाना पुलिस ने महिला को न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने महिला की इच्छा जानने के बाद कहा कि वह घरेलू विवाद के कारण अलग हुई थी, लेकिन अब अपने पति के साथ रहना चाहती है।
अदालत ने महिला की सुरक्षा और काउंसलिंग के लिए महिला आरक्षक दुर्गेश शर्मा को छह माह के लिए “शौर्य दीदी” के रूप में नियुक्त किया है। उन्हें महिला की नियमित काउंसलिंग और निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि उसकी सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित किया जा सके।

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