भोपाल
शहर के शाहजहांनाबाद क्षेत्र में वक्फ की 2.7 एकड़ जमीन के बड़े हिस्से में अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। कब्जे के आरोप में दारुल शफकत सोसायटी के अध्यक्ष शाहिद अलीम खान व अन्य के विरुद्ध बुधवार को वक्फ बोर्ड द्वारा एफआइआर दर्ज कराई गई है।
साथ ही संस्था को 28 करोड़ 91 लाख रुपये की वसूली का नोटिस जारी किया है। गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में मप्र वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल ने दावा किया कि नया वक्फ कानून प्रभावी होने के बाद देशभर में मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है, जिसमें इतनी बड़ी राशि का वसूली नोटिस जारी किया गया है।
डॉ. पटेल ने बताया कि यह संपत्ति वर्ष 1961 से वक्फ के नाम गजट में अधिसूचित है। जमीन के कुछ हिस्से में समिति को अपनी संस्था संचालित करने की अनुमति दी गई थी, लेकिन संस्था ने बड़े हिस्से में कब्जा कर लिया।
संस्था द्वारा वर्ष 2004 के बाद वक्फ अधिनियम के अंतर्गत अपेक्षित अभिलेख, लेखाजोखा एवं प्रबंधन संबंधी जानकारी बोर्ड को उपलब्ध कराने में लगातार टालमटोल की गई।
वर्ष 2023 में गठित वक्फ बोर्ड ने संस्था एवं संबंधित व्यक्तियों को विधिवत नोटिस जारी कर अभिलेख प्रस्तुत करने और अपना पक्ष रखने को कहा।
जांच के दौरान सामने आया कि संबंधित वक्फ संपत्ति के संबंध में संस्था और उसके पदाधिकारियों द्वारा स्वयं को मालिक के रूप में प्रस्तुत किया गया।
डॉ. पटेल ने बताया कि वक्फ की इस जमीन पर इज्तिमा बाजार भी लगाया जाता है, जिससे साल में दो से ढाई करोड़ रुपये की आय होती है, पर इसका उचित हिसाब वक्फ बोर्ड को नहीं दिया गया।
वक्फ बोर्ड इज्तिमा बाजार के खिलाफ नहीं है, लेकिन बाजार का संचालन नियमों के अनुसार होना चाहिए। डॉ. पटेल ने कहा, मामले की जांच शाहिद अलीम खान तक सीमित नहीं रहेगी।
सोसाइटी की कार्यकारिणी और संबंधित पदाधिकारियों, सदस्यों द्वारा लिए गए निर्णयों, पारित प्रस्तावों, अनुमोदनों, वित्तीय लेन-देन तथा वक्फ संपत्ति के संबंध में की गई गतिविधियों की भी जांच होगी।

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