रायपुर.
वन विकास निगम और एनएमडीसी बचेली के बीच 50 हजार पौधारोपण का अनुबंध
पर्यावरण संरक्षण और हरित आवरण बढ़ाने का मुख्य उद्देश्य जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करना, कार्बन उत्सर्जन में कमी लाना और जैव विविधता का संरक्षण करना है। इसके माध्यम से वायु की गुणवत्ता सुधारना, मिट्टी के कटाव को रोकना, ऑक्सीजन के स्तर को बढ़ाना और सतत विकास के द्वारा भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ व संतुलित पारिस्थितिकी तंत्र सुनिश्चित करना है। पर्यावरण संरक्षण और हरित आवरण बढ़ाने के उद्देश्य से वन विकास निगम एवं एनएमडीसी बचेली के बीच विगत 13 जनवरी को 50 हजार पौधों के रोपण हेतु अनुबंध हुआ है।
इस पहल का उद्देश्य क्षेत्र में हरियाली बढ़ाना, पर्यावरण संतुलन को मजबूत करना तथा स्थानीय जैव विविधता का संरक्षण करना है। वन विकास निगम वर्ष 2005 से एनएमडीसी के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार पौधारोपण कार्य कर रहा है। अब तक निगम द्वारा कुल 15 लाख 37 हजार पौधों का रोपण किया जा चुका है, जिससे पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिली है और क्षेत्र में हरित क्षेत्र का विस्तार हुआ है। यह पौधारोपण कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। इसमें स्थानीय प्रजातियों के पौधों को प्राथमिकता दी जाएगी तथा पौधों की देखरेख और संरक्षण के लिए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, ताकि लगाए गए पौधे सुरक्षित रूप से विकसित हो सकें।
गौरतलब है कि इस अभियान के लिए वन मंत्री केदार कश्यप ने वन विकास निगम की सराहना की है। उनका मानना है कि इस अभियान से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे। पौधरोपण, देखरेख और संरक्षण कार्यों में स्थानीय श्रमिकों की भागीदारी से ग्रामीणों की आय में वृद्धि होने की संभावना है। एनएमडीसी बचेली द्वारा यह पहल कंपनी की सामाजिक दायित्व (सीएसआर) गतिविधियों के अंतर्गत की जा रही है, जो पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय विकास और आजीविका सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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