रायपुर
प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव भानुप्रतापपुर प्रवास पर रहे। इस दौरान उन्होंने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत भानुप्रतापपुर स्टेशन के वर्चुअल शुभारंभ समारोह में शामिल हुए। इसके पश्चात् साव जिला प्रशासन द्वारा संचालित की जा रही निःशुल्क कोचिंग संस्था “मावा मोदोल“ का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने लाइब्रेरी और अन्य सुविधाओं का अवलोकन कर विद्यार्थियों से फीडबैक लिया। इसके पहले साव ने यहां अध्ययनरत विद्यार्थियों से रु-ब-रु होते हुए उनके लक्ष्य के बारे में पूछा। विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने कहा कि “मावा मोदोल“ दूरस्थ क्षेत्रों में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, उनके लिए यह बेहतर प्लेटफॉर्म साबित होगा।
साव ने विद्यार्थियों को सीख देते हुए कहा कि यह ऐसा दौर है, जब अच्छी और बुरी दोनों तरह की चीजें अपनी ओर आकर्षित करती हैं। आपको ये तय करना होगा कि अपने जीवन को किस दिशा की ओर लेकर जाएं। समय की कीमत पहचानें और एक-एक पल का सदुपयोग करें। साव ने उदाहरण देते हुए कहा कि एक क्लास में पढ़ने वाले दो विद्यार्थी को क्रमशः 95 और 45 प्रतिशत अंक मिलते हैं, जबकि शिक्षक वही, किताबें वही हैं। अब तय आपको करना होगा खुद को 95 प्रतिशत वाले स्थान पर रखना है या 45 प्रतिशत वाली जगह पर। जिले के प्रभारी मंत्री ने आगे बताया कि असफलता हार नहीं होती, बल्कि सीखने का सबक होता है। पिछली कमियों को दूर कर पूरी शिद्दत और लगन के साथ पर जो व्यक्ति अपने लक्ष्य को हासिल करने में लग जाता है, उसे सफलता अनिवार्य रूप से मिलती ही है। इस दौरान सांसद भोजराज नाग, कांकेर विधायक आशाराम नेताम, कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर, जिला पंचायत के सीईओ हरेश मंडावी सहित मावा मोदोल का स्टाफ मौजूद रहे।

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