कोण्डागांव.
जिले के पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चालकों को पेट्रोल न दिए जाने का निर्णय समय सीमा की बैठक में लिया गया. कलेक्टर नुपूर राशि पन्ना की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान सड़क सुरक्षा को कलेक्टर ने सख्त निर्देश दिए.
बता दें जिले से होकर गुजरने वाले नेशनल हाइवे-30 पर ऐसा कोई दिन नहीं बीतता जब घातक सड़क हादसा न होता हो. दो दिन पहले ही प्रदेश के वनमंत्री केदार कश्यप के काफिले में शामिल फालोगार्ड वाहन की दुर्घटना में कई लोग घायल हुए थे. यात्री बसों की आगे निकलने की होड़ में भी कई हादसे हो चुके हैं.
नया आदेश: बस्तर जिले के पेट्रोल पंपों पर अब दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट के बिना ईंधन नहीं मिलेगा।सख्त निर्देश: जिला प्रशासन और यातायात विभाग ने सभी पंप संचालकों को इस नियम का पालन कराने के निर्देश दिए हैं।
बैनर और बोर्ड: हर पेट्रोल पंप पर "सावधान- बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं मिलेगा" के बड़े बोर्ड लगाए जाएंगे।उद्देश्य: सड़क हादसों में सिर की गंभीर चोटों और मौतों के आंकड़ों को कम करना इस कदम का मुख्य लक्ष्य है।
नियम का दायरा और छूटअनिवार्यता: बाइक चलाने वाले चालक और पीछे बैठने वाले यात्री, दोनों के लिए हेलमेट पहनना जरूरी किया गया है।
आपातकालीन छूट: मेडिकल इमरजेंसी या आकस्मिक स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मामलों में इस नियम से राहत दी जा सकती है।
धार्मिक छूट: धार्मिक नियमों के तहत पगड़ी पहनने वाले चालकों को भी इस प्रतिबंध से छूट दी गई है।निगरानी: जिला प्रशासन और पुलिस मिलकर इस अभियान की नियमित रूप से जांच और मॉनिटरिंग करेंगे।
पंप संचालकों की स्थितिकर्मचारियों की सुरक्षा: पेट्रोल न मिलने पर कई बार ग्राहक पंप कर्मचारियों से विवाद या हाथापाई करते हैं।
पुलिस सहायता की मांग: डीलर्स ने प्रशासन से पेट्रोल पंप परिसरों में सुरक्षा के लिए पुलिस बल या होमगार्ड तैनात करने का अनुरोध किया है।
जिम्मेदारी: नियमों का उल्लंघन करने वाले पेट्रोल पंप संचालकों पर प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।
जागरूकता: शुरुआत में चालकों को समझाइश दी जा रही है, ताकि लोग खुद आगे आकर नियम अपनाएं।
जनता के लिए संदेशजीवन की रक्षा: हेलमेट कोई सजा नहीं, बल्कि खुद की जिंदगी बचाने का सबसे आसान तरीका है।
परेशानी से बचें: पेट्रोल पंप पर समय गंवाने और ईंधन न मिलने की झुंझलाहट से बचने के लिए घर से निकलते वक्त हेलमेट जरूर पहनें।
सहयोग की अपील: प्रशासन और डीलर्स ने सभी नागरिकों से सड़क सुरक्षा अभियान में पूरा सहयोग करने की अपील की है।
नया बदलाव: यह नियम बस्तर में सड़क संस्कृति को सुधारेगा और दुर्घटनाओं के खतरे को काफी हद तक कम करेगा।

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