नई दिल्ली
दिल्ली में आतंकी हमले के खुफिया इनपुट के बाद हाई अलर्ट जारी किया गया है। सुरक्षा बल और एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। सीसीटीवी और बम निरोधक दस्तों के जरिए निगरानी बढ़ाई गई है।
दिल्ली में आतंकी हमले का खतरा मंडरा रहा है जिसके बाद शनिवार को दिल्ली में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। खुफिया रिपोर्टों के मुताबिक, लश्कर-ए-तैयबा इस्लामाबाद में हुए धमाके का बदला लेने के लिए चांदनी चौक के प्रसिद्ध गौरी शंकर मंदिर जैसे धार्मिक स्थलों और लाल किले के आसपास बम ब्लास्ट करने की साजिश रच रहा है। इन खुफिया रिपोर्टों को लेकर सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं। दिल्ली में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। इस रिपोर्ट में लश्कर की धमकी से 'रिवेंज' थ्योरी और सुरक्षा के इंतजामों तक, बड़ी बातें…
दिल्ली में आतंकियों के निशाने पर क्या?
अधिकारियों ने बताया कि इस बात के खुफिया इनपुट हैं कि पाकिस्तान का आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा आतंकी हमलों की योजना बना रहा है। इस खुफिया इनपुट को देखते हुए शनिवार, 21 फरवरी से दिल्ली हाई अलर्ट पर है। दिल्ली के प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल निशाने पर हो सकते हैं। इनमें लाल किले के पास चांदनी चौक इलाके में एक मंदिर को संभावित टारगेट के तौर पर पहचाना गया है।
इस्लामाबाद ब्लास्ट का ‘बदला’
सूत्रों की मानें तो आतंकी संगठन कथित तौर पर 6 फरवरी को इस्लामाबाद की एक शिया मस्जिद में हुए सुसाइड बॉम्बिंग का बदला लेना चाहता है। उस ब्लास्ट में 31 लोगों की मौत हो गई थी। पाक पहले भी इस ब्लास्ट में बाहरी लोगों का हाथ होने का इशारा किया है। भारत ने इसे खारिज करते हुए कहा था कि दुर्भाग्यपूर्ण है कि अपनी समस्याओं को सुलझाने के बजाय पाकिस्तान इसके लिए दूसरों को दोष देकर खुद को धोखा दे रहा है।
फिर दिल्ली को दहलाने की साजिश
दिल्ली पुलिस के कम से कम दो सीनियर अधिकारियों ने नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा कि इन खतरों के बारे में पहले इनपुट रिपब्लिक डे सेलिब्रेशन से पहले मिले थे। उन शुरुआती इनपुट की बाद में गहनता से जांच की गई। इसी बीच शनिवार को मिली खास खुफिया रिपोर्ट से पता चलता है कि इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) हमले की साजिश रची जा रही है। यानी आतंकी एक बार फिर दिल्ली को दहलाने की साजिश रच रहे हैं।
बढ़ाई गई सुरक्षा
अधिकारियों ने बताया कि खतरे को देखते हुए दिल्ली की खास धार्मिक और पुरानी जगहों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। एजेंसियां और दिल्ली पुलिस खास धार्मिक और पुरानी जगहों पर कड़ी नजर बनाए हुए है। CCTV मॉनिटरिंग और गाड़ियों की कड़ी चेकिंग की जा रही है। बम डिस्पोजल स्क्वॉड, डॉग स्क्वॉड और क्विक रिएक्शन टीमों को भी स्टैंडबाय पर रखा गया है। हाल ही में चांदनी चौक के गौरी शंकर मंदिर में ट्रेंड कमांडो के साथ एक DCP रैंक के अधिकारी को तैनात किया गया था।
एहतियात के तौर पर उठाए कदम
अधिकारियों ने कहा कि ताजा कदम सावधानी के तौर पर उठाए गए हैं। लोगों को सतर्क रहना चाहिए। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना देनी चाहिए। सनद रहे 10 नवंबर, 2025 को लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट 1 के पास एक जानलेवा कार धमाका हुआ था। इसमें 15 लोग मारे गए थे। इस हमले के पीछे एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश हुआ था। जनवरी में भी खालिस्तानी और बांग्लादेश के आतंकी संगठनों से खतरों का इनपुट जारी हुआ था।

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