नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2014 में प्रधानमंत्री जनधन योजना की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत देश के गरीब लोगों को बैंकिंग सुविधा से जोड़ना था। इस योजना ने रिकॉर्ड तोड़ लोकप्रियता हासिल की। करोड़ों गरीबों ने कुछ वर्षों में करोड़ों नए खाते खुलवाए।
गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को बैंक में खाता खुलवाने के लिए कोई रकम जमा नहीं करनी पड़ी। इसमें जीरो बैलेंस सुविधा दी गई थी। यह योजना उनके लिए बहुत बड़ा वरदान साबित हुई, क्योंकि सरकारी योजना का पैसा सीधे उनके बैंक खाते में आने लगा।
अब जनधन खातों के लिए जरूरी KYC अपडेट
हाल ही में जनधन खाताधारकों को लेकर एक बड़ी अपडेट सामने आई है। सभी खाताधारकों को अपने खाते की दोबारा से KYC (Know Your Customer) करवानी होगी। विशेष रूप से वे खाते, जो 10 साल से पुराने हैं। उनमें यह प्रक्रिया अनिवार्य है।
KYC न कराने पर हो सकता है खाता इनएक्टिव
बैंकों की शर्तों के अनुसार अगर समय पर KYC अपडेट नहीं की गई, तो खाता इनएक्टिव हो सकता है। इसका असर यह होगा कि खाताधारक लेन-देन नहीं कर पाएंगे। इससे सरकारी योजनाओं की रकम भी खाते में नहीं पहुंचेगी। कई बार ऐसे खाते अस्थायी रूप से बंद भी कर दिए जाते हैं।
समय पर KYC कराना बहुत जरूरी
जनधन खाताधारकों को सलाह दी गई है कि वे समय पर KYC अपडेट जरूर करवाएं। ऐसा न करने पर सरकारी लाभ रुक सकता है। पैसों की दिक्कत झेलनी पड़ सकती है। बैंक समय-समय पर खाताधारकों से जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने को कहता है, इसलिए सतर्क रहना और नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है।

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