नई दिल्ली
नरेंद्र मोदी सरकार की चर्चित योजना- प्रधानमंत्री जनधन के 11 साल पूरे हो गए हैं। योजना के तहत खोले गए खातों की संख्या 11 वर्ष में बढ़कर 56.16 करोड़ हो गई है। वहीं, खातों में 2.68 लाख करोड़ रुपये जमा किए गए। योजना के तहत खाताधारकों को कई बड़ी सुविधाएं मिलती हैं। इनमें से एक सुविधा ओवरड्राफ्ट की है। आइए इस सुविधा के बारे में विस्तार से जान लेते हैं।
क्या है ओवरड्राफ्ट लिमिट
प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत लाभार्थी 10000 रुपये तक की ओवरड्राफ्ट सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। बता दें कि ओवरड्राफ्ट के तहत अगर आपके खाते में पर्याप्त पैसा नहीं है, फिर भी आप एक निश्चित सीमा तक पैसे निकाल सकते हैं या लेनदेन कर सकते हैं। योजना के तहत सभी लाभार्थियों को 2 लाख रुपये के दुर्घटना बीमा कवर के साथ एक निःशुल्क रुपे डेबिट कार्ड प्राप्त होता है।
क्या कहते हैं आंकड़े
बीते दिनों वित्त मंत्रालय ने बताया कि जनधान के तहत खातों की संख्या मार्च 2015 के 14.72 करोड़ से बढ़कर 13 अगस्त 2025 तक 56.16 करोड़ हो गई है। खाताधारकों में 56 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं। वहीं 67 प्रतिशत खाते ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में खोले गए हैं। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से लाभार्थियों के खातों में सीधे 45 लाख करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए। भारत की 94 प्रतिशत वयस्क आबादी का अब बैंक खाता है।
38.68 करोड़ रुपे डेबिट कार्ड जारी
प्रधानमंत्री जनधन योजना के खाताधारकों को कुल 38.68 करोड़ रुपे डेबिट कार्ड जारी किए गए हैं। इससे उन्हें नकदी रहित लेनदेन की सुविधा मिली है और अंतर्निहित दुर्घटना बीमा कवर तक पहुंच प्राप्त हुई है। ये खाते प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी), प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई), अटल पेंशन योजना (एपीवाई), और माइक्रो यूनिट्स डेवलपमेंट एंड रिफाइनेंस एजेंसी बैंक (मुद्रा) योजना के लिए पात्र हैं।

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