नई दिल्ली
रक्षा विशेषज्ञ अक्सर कहते रहते हैं कि भविष्य का युद्ध ड्रोनों का युद्ध होगा। आने वाली किसी भी जंग में ड्रोन सबसे निर्णायक भूमिका निभाएंगे। यही वजह है कि दुनिया का हर बड़ा देश ड्रोन तकनीक के साथ-साथ एंटी-ड्रोन तकनीक पर भी दिन-रात काम कर रहा है। इसी कड़ी में ब्रिटेन ने एक क्रांतिकारी हथियार विकसित कर लिया है जो बड़े-बड़े ड्रोन और छोटी मिसाइलों को पल भर में राख कर सकता है। हम बात कर रहे हैं ब्रिटेन के ड्रैगनफायर (DragonFire) लेजर हथियार की। दावा किया जा रहा है कि इसके सामने 650 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ने वाला ड्रोन भी अब सुरक्षित नहीं रहेगा।
स्कॉटलैंड में सफल परीक्षण के बाद ब्रिटेन ने अपनी रॉयल नेवी के लिए ड्रैगनफायर लेजर डायरेक्टेड एनर्जी वेपन (LDEW) सिस्टम को तैनात करने का रास्ता साफ कर दिया है। ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह सिस्टम हाई-स्पीड ड्रोन और छोटी मिसाइलों को बड़े पैमाने पर नष्ट करने में सक्षम है। यह 650 किमी/घंटा (फॉर्मूला-1 कार की टॉप स्पीड से दोगुनी रफ्तार) तक के लक्ष्यों को ट्रैक कर सकता है और एक किलोमीटर दूर से एक पाउंड के सिक्के जितने छोटे लक्ष्य पर भी सटीक निशाना लगा सकता है।
ताजा परीक्षणों में ड्रैगनफायर ने ब्रिटेन का पहला हाई-पावर लेजर फायर 'लाइन ऑफ साइट से परे' करते हुए ऊंचाई पर उड़ते हाई-स्पीड ड्रोन को सफलतापूर्वक मार गिराया। जारी वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि आकाश में एक पतली नीली किरण चमकती है और कुछ ही सेकंड में लक्ष्य ड्रोन टुकड़ों में बिखरकर धुएं का गोला बन जाता है।
ड्रैगनफायर आखिर है क्या?
ड्रैगनफायर ब्रिटेन की पहली हाई-पावर लेजर डिफेंस सिस्टम है। यह ड्रोन, मिसाइल और अन्य हवाई खतरों को प्रकाश की अत्यधिक केंद्रित किरण से सेकंडों में जला कर राख कर देती है। यह पूरी तरह ब्रिटिश तकनीक से बना है। एक बार फायर करने की लागत मात्र 10 पाउंड (लगभग 1100 रुपये) है, जबकि पारंपरिक एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइल की एक यूनिट की कीमत लाखों पाउंड होती है। इसीलिए इसे 'गेम चेंजर' और 'अत्यंत किफायती' हथियार कहा जा रहा है।
इस प्रणाली को पैन-यूरोपीय मिसाइल कंपनी MBDA ने QinetiQ और लियोनार्डो-यूके के साथ मिलकर विकसित किया है। करीब पांच साल के लगातार विकास के बाद अब यह परिपक्व चरण में पहुंच चुकी है। ब्रिटेन ने 2027 से रॉयल नेवी के जहाजों पर इसे तैनात करने के लिए MBDA को 316 मिलियन पाउंड (लगभग 3500 करोड़ रुपये) का ठेका दिया है। रक्षा मंत्रालय का कहना है कि यह हाई-पावर लेजर हमारी रॉयल नेवी को नाटो में अग्रिम पंक्ति में खड़ा कर देगा। यह अत्याधुनिक क्षमता ब्रिटेन और हमारे सहयोगियों की रक्षा को नई ऊंचाई देगी।

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