मुंबई.
ऑस्कर विजेता संगीतकार एआर रहमान के बॉलीवुड में पिछले 8 सालों से कम काम मिलने के बयान ने विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने हाल ही में बीबीसी एशियन नेटवर्क को दिए इंटरव्यू में कहा कि उन्हें कम काम मिल रहा है और यह इंडस्ट्री में पावर शिफ्ट की वजह से हो सकता है।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इसमें सांप्रदायिक बात भी शामिल हो सकती है, हालांकि यह उनके सामने सीधे नहीं आया। रहमान ने कहा, 'मैं काम की तलाश में नहीं हूं। मैं चाहता हूं कि मेरे काम की ईमानदारी से काम खुद आए। मुझे लगता है कि चीजों की तलाश में जाना एक अभिशाप जैसा है।' उन्होंने बताया कि वे दक्षिण से बॉलीवुड में स्थापित होने वाले पहले संगीतकार थे और लंबे समय तक सफल रहे। लेकिन पिछले आठ सालों में स्थिति बदल गई है।
एआर रहमान ने कहा, 'अब गैर क्रिएटिव लोग फैसले ले रहे हैं और यह सांप्रदायिक बात भी हो सकती है, लेकिन मेरे सामने नहीं। मुझे चाइनीज व्हिस्पर्स (कानाफूसी) के जरिए पता चलता है कि आपको बुक किया गया था, लेकिन म्यूजिक कंपनी ने आगे बढ़कर अपने 5 कंपोजर हायर कर लिए। मैंने कहा कि अच्छा है, मुझे परिवार के साथ आराम करने का समय मिलेगा।' उन्होंने 1990 के दशक में बॉलीवुड में एंट्री के समय किसी पूर्वाग्रह का सामना नहीं करने की बात कही। रहमान ने कहा, 'शायद तब मुझे पता नहीं चला, या भगवान ने छिपा दिया। लेकिन पिछले 8 सालों में पावर शिफ्ट की वजह से शायद ऐसा हो रहा है।'
केंद्रीय मंत्री का क्या जवाब
केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने एआर रहमान के दावे को बिल्कुल गलत करार दिया। उन्होंने कहा, 'रहमान का यह कहना कि मुस्लिम होने की वजह से उन्हें फिल्म म्यूजिक इंडस्ट्री में सपोर्ट नहीं मिल रहा, पूरी तरह झूठ है। देश ने उन्हें नंबर वन म्यूजिक डायरेक्टर के रूप में स्वीकार किया है और सपोर्ट किया है।' उन्होंने जोर दिया कि देश के लोग कभी रहमान को धर्म की नजर से नहीं देखते। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उन्होंने धर्म पर टिप्पणी की।
VHP की तीखी प्रतिक्रिया
विश्व हिंदू परिषद ने भी एआर रहमान पर निशाना साधा। राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि ऐसा लगता है कि एआर रहमान भी उस गुट के लीडर बन गए हैं, जिसके लीडर कभी पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी थे। बंसल ने कहा, 'हामिद अंसारी ने 10 साल तक संवैधानिक पदों पर फायदा उठाया और रिटायर होने पर भारत को नीचा दिखाया। रहमान को पूरे देश और हिंदुओं ने बहुत प्यार किया। काम न मिलने की वजह खुद में ढूंढने की बजाय वे सिस्टम को बदनाम कर रहे हैं और पूरी इंडस्ट्री को बदनाम कर रहे हैं। वे क्या साबित करना चाहते हैं?' बंसल ने आगे कहा कि वे कभी हिंदू थे। उन्होंने इस्लाम क्यों कबूल किया? अब घर वापसी कर लें। शायद फिर से काम मिलना शुरू हो जाए। ऐसे छोटे-मोटे बयान राजनेता दे सकते हैं, कलाकार को नहीं शोभा देते।

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