अमेरिका
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी और भरोसेमंद सहयोगी काश पटेल अब एफबीआई के नए डायरेक्टर चुने गए हैं। सीनेट में हुए मतदान में उन्हें 51-49 के मामूली अंतर से बहुमत हासिल हुआ।
काश पटेल लंबे समय से ट्रंप के कट्टर समर्थक रहे हैं। उनकी नियुक्ति को लेकर डेमोक्रेट सांसदों ने कड़ा विरोध जताया। उन्होंने पटेल की निष्पक्षता और योग्यता पर सवाल उठाते हुए आशंका जताई कि वह ट्रंप के इशारों पर काम करेंगे और रिपब्लिकन नेता के विरोधियों को निशाना बना सकते हैं।
पटेल इससे पहले ट्रंप प्रशासन में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद और रक्षा विभाग में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभा चुके हैं। अब एफबीआई प्रमुख के रूप में उनकी नई जिम्मेदारी को लेकर राजनीतिक गलियारों में तीखी बहस छिड़ गई है। भारतवंशी काश पटेल अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सबसे करीबी और भरोसेमंद सहयोगियों में गिने जाते हैं। ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान भी उन्होंने अहम जिम्मेदारियां निभाई थीं।
कौन हैं काश पटेल?
काश पटेल भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक हैं जिनका जन्म न्यूयॉर्क के हैगार्डन सिटी में हुआ था। उनके माता-पिता मूल रूप से गुजरात के रहने वाले थे लेकिन 1970 के दशक में वह विदेश चले गए थे। पहले उनका परिवार युगांडा में रहा लेकिन वहां जातीय भेदभाव के कारण उन्हें देश छोड़ना पड़ा। इसके बाद वे कनाडा में बस गए और फिर उनके पिता को एक एविएशन फर्म में वित्तीय अधिकारी के रूप में नौकरी मिल ग। इसके बाद पूरा परिवार अमेरिका चला गया।
पटेल का परिवार हिंदू है, और ऐसा माना जाता है कि वह अब भी अविवाहित हैं। वह पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सहयोगियों में से एक माने जाते हैं और उनकी नीतियों के प्रबल समर्थक रहे हैं। उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा यूनिवर्सिटी ऑफ रिचमंड से पूरी की, जहां उन्होंने इतिहास और आपराधिक न्याय (क्रिमिनल जस्टिस) की पढ़ाई की।

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