नई दिल्ली
वॉलमार्ट समर्थित फिनटेक दिग्गज फोनपे अप्रैल में अपना आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने की तैयारी कर रही है। कंपनी की योजना भारत के डिजिटल भुगतान बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने के साथ-साथ वित्तीय सेवाओं और नए उपभोक्ता मंचों के क्षेत्र में विस्तार करने की है।
कंपनी ने अपने मसौदा दस्तावेजों (डीआरएचपी) में उल्लेख किया है कि डिजिटल भुगतान ही उसकी प्रगति का प्रमुख स्रोत बना रहेगा। इसके विस्तार के लिए कंपनी अपने उपभोक्ता आधार, संभावित बाजार और मंच के कार्यक्षेत्र को व्यापक बनाने हेतु पूंजी लगाने की योजना बना रही है।
उद्योग के अनुमानों का हवाला देते हुए कंपनी ने कहा कि भारत में डिजिटल उपभोक्ता भुगतान का कुल संभावित बाजार वित्त वर्ष 2025 में 301 लाख करोड़ रुपये था, जिसके वित्त वर्ष 2030 तक बढ़कर 602-681 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है।
सूत्रों के अनुसार, फोनपे ने अप्रैल में अपना आईपीओ लाने का लक्ष्य रखा है। यह पूरी तरह से बिक्री पेशकश (ओएफएस) होगा, जिसके तहत वॉलमार्ट, माइक्रोसॉफ्ट और टाइगर ग्लोबल जैसी निवेशक कंपनियां अपने 5.06 करोड़ शेयरों की बिक्री करेंगी। इस प्रक्रिया में नए शेयरों का कोई ताजा निर्गम शामिल नहीं होगा। कंपनी को जनवरी में भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) से आईपीओ के लिए मंजूरी मिल गई थी। फोनपे अपने वित्तीय सेवा वितरण व्यवसाय, जैसे ऋण और बीमा का भी विस्तार कर रही है। राजस्व के स्रोतों में विविधता लाने के लिए कंपनी अपने धन प्रबंधन मंच ‘शेयर.मार्केट’ और स्वदेशी ऐप स्टोर ‘इंडस ऐपस्टोर’ जैसे नए मंचों पर भी पूंजी निवेश कर रही है।

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