July 22, 2026

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फार्मा शेयरों में भारी बिकवाली, ट्रंप के 200% टैरिफ डर से दूसरे दिन भी बाजार लुढ़का

 

मुंबई 
   
शेयर बाजार में लगातार तीसरे कारोबारी दिन गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत हुई. सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स रेड जोन में ओपन हुए. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला Sensex 550 अंक से ज्यादा फिसलकर ट्रेड कर रहा था, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का Nifty भी खुलते ही करीब 150 अंक से ज्यादा का गोता लगा गया. मार्केट में गिरावट के बीच ज्यादातर फार्मा कंपनियों के शेयर भरभराकर टूटे. अरविंदो फार्मा से लेकर सिप्ला, सनफार्मा जैसी कंपनियों के स्टॉक्स बड़ी गिरावट लेकर ट्रेड कर रहे थे। 

सेंसेक्स-निफ्टी की खराब शुरुआत 
बुधवार को शेयर मार्केट में ट्रेडिंग ओपन होने के साथ ही बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 77,470 की तुलना में गिरावट लेकर 77,384 पर खुला और फिर कुछ ही मिनटों के कारोबार के दौरान 575 अंक से ज्यादा फिसलकर 76,851 के लेवल पर आ गया। 

इस बीच NSE Nifty की चाल को देखें, तो इसका हाल भी सेंसेक्स के जैसा ही नजर आया. 50 शेयरों वाला ये इंडेक्स मंगलवार के अपने बंद 24,187 की तुलना में मामूली गिरावट लेकर 24,150 पर ओपन हुआ और फिर अचानक इसके फिसलने की रफ्तार तेज होती चली गई और ये 170 अंक के आसपास टूटकर 24,011 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। 

फार्मा शेयरों में आया भूचाल 
शेयर मार्केट में गिरावट के बीच फार्मा कंपनियों के शेयर बिखरे हुए नजर आए और ज्यादा स्टॉक्स ने रेड जोन में कारोबार की शुरुआत की. बड़ी फार्मा कंपनियों के शेयरों में आई गिरावट पर गौर करें तो…

फार्मा शेयर     गिरावट
Lupin Share     3%
Gland Pharma Share     3%
Aurbindo Pharma Share     2.80%
Alkem Share     2.50%
Zydus Share     2.30%
Cipla Share     2.10%
Glenmark Pharma Share     1.80%
Mankind Pharma Share     1.75%
Fortis Healthcare Share     1.50%
Sunpharma Share     1.20% 

क्यों बिखरे फार्मा कंपनियों के स्टॉक्स? 
Pharma Stocks में आई इस गिरावट के पीछे के कारणों की बात करें, तो इसका कनेक्शन सीधे तौर पर अमेरिका से जुड़ा हुआ है. दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जेनेरिक दवाओं को लेकर टैरिफ बम फोड़ा है और अमेरिका में आयात की जाने वाली इन दवाओं पर 200% तक टैरिफ (Trump 200% Tariff Bomb) का ऐलान किया है। 

हालांकि, ट्रंप ने साफ किया है कि 1 अगस्त 2026 से दो साल तक इन सभी दवाओं पर टैरिफ शून्य (Zero Tariff) रहेगा और उसके बाद चरणबद्ध तरीके से एक साल 100 फीसदी और उसके बाद 200 फीसदी टैरिफ लगाया जाएगा. भले ही 2 Year Zero Tariff से राहत मिली है, लेकिन भारतीय दवा कंपनियों में दो साल बाद 200% टैरिफ का खौफ भी साफ दिखाई दिया है, जिसके चलते इन कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई है।