मुंबई
वित्त वर्ष 2026 में भारत इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर बदलाव तेज़ी से आगे बढ़ा है. बीते वित्त वर्ष बाजार में वाहनों की रीटेल बिक्री 24.52 लाख यूनिट तक पहुंच गई, जो पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 24.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी दिखाता है. यह बढ़त सिर्फ़ एक कैटेगरी तक ही सीमित नहीं थी, बल्कि दो-पहिया, तीन-पहिया, पैसेंजर व्हीकल और कमर्शियल व्हीकल, सभी में दो अंकों की मज़बूत बढ़त देखने को मिली।
इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल की बिक्री 2 लाख यूनिट्स के करीब
बीते वित्त वर्ष में सबसे बड़ा बदलाव इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल्स में देखने को मिला, जहां लोगों ने इन्हें अपनाने में तेजी पकड़ी. इस सेगमेंट की रिटेल बिक्री 1,99,923 यूनिट्स तक पहुंच गई, जबकि एक साल पहले यह बिक्री 1,08,873 यूनिट्स की थी. इस बिक्री के साथ सेगमेंट की बिक्री में 83.63 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
यह सेगमेंट 2 लाख के आंकड़े से बस थोड़ा ही पीछे रह गया, लेकिन इस सेगमेंट ने अब तक की अपनी सबसे मज़बूत सालाना बढ़त दर्ज की है. वॉल्यूम के लिहाज़ से, Tata Motors Passenger Vehicles ने 78,811 यूनिट्स के साथ बाजार में अपना पहला स्थान काबिज किया. इसके बाद JSW MG Motor India ने 53,089 यूनिट्स के साथ दूसरे स्थान को हासिल किया, इसके बाद Mahindra & Mahindra 42,721 यूनिट्स की बिक्री के साथ तीसरे स्थान पर रही।
इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री भी बढ़ी
इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री की बात करें तो, EV बिक्री में इस सेगमेंट का सबसे बड़ा हिस्सा रहा. इस सेगमेंट ने 14 लाख यूनिट्स की बिक्री का आंकड़ा पार कर दिया. वित्त वर्षन 2026 में इस सेगमेंट में 21.81 प्रतिशत की बढ़ोत हुई और यह 11,50,790 यूनिट्स से बढ़कर 14,01,818 यूनिट्स तक पहुंच गया।
इस सेगमेंट में TVS Motor Company ने 3,41,513 यूनिट्स इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री की, और लिस्ट में पहला स्थान हासिल किया. इस लिस्ट में दूसरा स्थान Bajaj Auto का रहा, जिसने 2,89,349 यूनिट्स की बिक्री की, और तीसरे स्थान Ather Energy ने 2,39,178 यूनिट्स की बिक्री कर हासिल किया।
तीन-पहिया इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री
इलेक्ट्रिक तीन-पहिया वाहनों ने शहरी आवागमन और 'लास्ट-माइल' परिवहन में अपनी भूमिका बनाए रखी. इनकी बिक्री बढ़कर 8,30,819 यूनिट्स हो गई, जो वित्त वर्ष 2025 की 6,98,914 यूनिट्स की तुलना में 18.97 प्रतिशत की बढ़ोतरी दिखाता है।
हालांकि इनकी संख्या अभी भी तुलनात्मक रूप से कम है, लेकिन इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों ने सबसे तेज़ विकास दर दर्ज की है. पिछले वित्त वर्ष के 8,820 यूनिट्स से बढ़कर रीटेल बिक्री दोगुनी से भी ज़्यादा होकर 19,454 यूनिट्स तक पहुंच गई, जो 120.57 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।
सभी सेगमेंट में बढ़ोतरी
साल का सारांश देते हुए, फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोशिएशन (FADA) के प्रेसिडेंट CS विग्नेश्वर ने कहा कि, "वित्त वर्ष 2026 भारत की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की कहानी के लिए एक अहम साल रहा है. दो-पहिया, तीन-पहिया, पैसेंजर व्हीकल्स और कमर्शियल व्हीकल्स को मिलाकर कुल EV रिटेल लगभग 24.52 लाख यूनिट्स का रहा, जिसमें सालाना आधार पर लगभग 24.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, और हर कैटेगरी ने मज़बूत दोहरे अंकों में बढ़ोतरी दर्ज की।
उन्होंने आगे कहा कि, "यह सिर्फ़ ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह बड़े पैमाने पर एनर्जी ट्रांज़िशन का नेतृत्व करने की भारत की क्षमता का प्रमाण है, फिर चाहे वह 'लास्ट-माइल' ऑटो-रिक्शा हो या फ़ैमिली कार हो।
सभी सेग्मेंट्स में लगातार हो रही बढ़ोतरी यह दिखाती है कि बाजार में मांग का दायरा बढ़ रहा है, और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को निजी और कमर्शियल, दोनों ही तरह के इस्तेमाल में ज़्यादा मज़बूत स्वीकार्यता मिल रही है।

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