बिलासपुर.
बिल्हा थाना क्षेत्र में धान उपार्जन में गड़बड़ी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राइस मिल के मुंशी समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि 360 क्विंटल धान की फर्जी आवक-जावक दर्शाकर शासन को लगभग 8 लाख रुपये का नुकसान पहुंचाया गया। मामले में प्रार्थी धर्मराज सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके मुंशी श्यामसुंदर अग्रवाल ने बिना जानकारी के फर्जी डीओ लेटर और गेट पास जारी कर उपार्जन केंद्र बोडसरा और बिटकुली से 180-180 क्विंटल, कुल 360 क्विंटल धान (करीब 450 बोरी) की हेराफेरी की। इस धान की कीमत लगभग 9 लाख रुपये बताई गई है।
शिकायत पर बिल्हा पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान श्यामसुंदर अग्रवाल को सिलतरा, रायपुर से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि महावीर एग्रो इंडस्ट्रीज के नाम से फर्जी डीओ लेटर और गेट पास जारी कर बोडसरा केंद्र में कंप्यूटर ऑपरेटर धनंजय यादव और प्रभारी प्रबंधक अशोक मरावी के साथ मिलकर 180 क्विंटल धान की हेराफेरी की, जिससे करीब 4 लाख रुपये की अवैध कमाई हुई। इसी प्रकार बिटकुली केंद्र में प्रभारी प्रबंधक ललित बघेल के साथ मिलकर 180 क्विंटल धान की हेराफेरी कर शासन को लगभग 4 लाख रुपये का नुकसान पहुंचाया गया।
पुलिस ने श्यामसुंदर अग्रवाल, अशोक कुमार मरावी, ललित कुमार बघेल और धनंजय यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, बिल्हा के समक्ष पेश किया है। मामले में आगे की जांच जारी है।

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