रीवा सुनियोजित विकास का सपना लेकर आगे बढ़ रहा है : उप मुख्यमंत्री
लोक निर्माण भवन का किया लोकार्पण
रीवा
उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि रीवा सुनियोजित विकास का सपना लेकर आगे बढ़ रहा है। सिंचाई की सुविधाओं, सड़कों के निर्माण एवं अधोसंरचना विकास के साथ ही अन्य विकास के सभी कार्य प्राथमिकता से कराए जा रहे हैं। लोक निर्माण विभाग का अत्याधुनिक कार्यालय भवन विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए एक सौगात है। अच्छे कार्यालय में बैठकर वह बेहतर मन: स्थिति के साथ अधिक ऊर्जा से अपने कार्यों का संपादन कर सकेंगे। उप मुख्यमंत्री ने 350.16 लाख रुपए की लागत से मध्यप्रदेश पुनर्घनत्वीकरण योजना से निर्मित कार्यालय भवन का लोकार्पण किया।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पीडब्ल्यूडी कार्यालय में मुख्य अभियंता से लेकर अन्य अधिकारी और कर्मचारी एक ही छत के नीचे बैठेंगे तो उन्हें भी कार्य करने में आसानी होगी और लोगों को भी सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि रीवा में आधुनिक जरूरतों को पूरी करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। हमें स्वस्थ रहने के लिए भारतीय प्राचीन परंपरा में लौटना होगा और प्राकृतिक खेती को अपनाना होगा। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि नियमित जीवनशैली व शुद्ध खानपान से ही विकास का फल आनंदपूर्वक लिया जा सकेगा। रीवा जिला गौ संरक्षण के साथ ही प्राकृतिक खेती की दिशा में आगे बढ़ रहा है। शरीर व जमीन को स्वस्थ रखने के लिए प्राकृतिक खेती अपनाना आवश्यक है।
इस अवसर पर स्वागत उद्बोधन में मुख्य अभियंता केके लक्षे ने कहा कि विभाग को भव्य और बेहतरीन भवन मिल गया है। हमारे विभाग के अधिकारी और कर्मचारी पूरी गुणवत्ता के साथ अपने कार्यों का निर्वहन करेंगे। तकनीकी प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए कार्यपालन यंत्री हाउसिंग बोर्ड अनुज प्रताप सिंह ने बताया कि 1450 वर्गमीटर में 350.16 लाख रुपए की लागत से तीन तल का लोक निर्माण विभाग का कार्यालय भवन निर्मित किया गया है। उप मुख्यमंत्री ने परिसर में वृक्षारोपण भी किया। कार्यक्रम में अध्यक्ष नगर निगम व्यंकटेश पाण्डेय, पार्षद अनीता वर्मा, अमिता सिंह, ज्योति सिंह, राजीव शर्मा, मण्डल अध्यक्ष गौरव पाण्डेय, सेवानिवृत्त संयुक्त संचालक डॉ. राजेश मिश्र, कार्यपालन यंत्री नितिन पटेल, हिमांशु वर्मा, संविदाकार राजेन्द्र सिंह सहित बड़ी संख्या में स्थानीयजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन विजय शुक्ला ने किया।

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रीवा के राजस्व विभाग में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर: बिना किसी सरकारी आदेश के बदल दिया गया किसान की जमीन का नक्शा, RTI में हुआ सनसनीखेज खुलासा सिरमौर/रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले के तहसील सिरमौर अंतर्गत ग्राम पिपरी में राजस्व अभिलेखों के साथ गंभीर छेड़छाड़ और ‘डिजिटल फर्जीवाड़े’ का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ एक किसान की निजी भूमि का नक्शा बिना किसी आवेदन, बिना किसी सक्षम न्यायालय के आदेश और बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के कंप्यूटर रिकॉर्ड (पोर्टल) पर बदल दिया गया है। क्या है पूरा मामला? ग्राम पिपरी निवासी आशीष मिश्रा (पिता श्री सम्पत प्रसाद मिश्रा) ने अपनी आराजी क्रमांक 88/1 एवं 88/2 के नक्शे में हुई संदिग्ध तरमीम (संशोधन) को लेकर सूचना के अधिकार (RTI) के तहत जानकारी मांगी थी। महीनों के चक्कर लगवाने और प्रथम अपील के बाद जो जवाब विभाग से मिला, उसने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। RTI में विभाग ने खुद स्वीकारी ‘अंधेरगर्दी’: लोक सूचना अधिकारी एवं नायब तहसीलदार वृत्त बैकुण्ठपुर ने अपने लिखित प्रतिवेदन (पत्र क्रमांक 292/2026 दिनांक 06/02/2026) में स्वीकार किया है कि: कंप्यूटर नक्शे में तो तरमीम (बदलाव) दिख रहा है, लेकिन मूल पटवारी नक्शा शीट (Field Map) में इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है। राजस्व अभिलेखों (खसरा आदि) में इस तरमीम से संबंधित कोई भी प्रविष्टि दर्ज नहीं है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि विभाग को यह भी नहीं पता कि यह बदलाव किस वर्ष में हुआ और किस अधिकारी के आदेश से किया गया। यानी बिना किसी फाइल और बिना किसी आदेश के रातों-रात कंप्यूटर पर नक्शा बदल दिया गया। पीड़ित का आरोप: “राजस्व अमले की मिलीभगत से हुआ खेल” पीड़ित आशीष मिश्रा का कहना है कि उन्होंने इसके लिए दो बार आवेदन दिए और कई बार अधिकारियों के चक्कर काटे। उन्होंने आरोप लगाया कि पटवारी और संबंधित राजस्व कर्मचारियों ने निजी स्वार्थ के चलते अभिलेखों में कूट-रचना (Forgery) की है। पीड़ित ने अब एसडीएम सिरमौर से मांग की है कि इस अवैध तरमीम को तत्काल निरस्त किया जाए और उन दोषियों पर एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए जिन्होंने सरकारी पोर्टल के डेटा के साथ छेड़छाड़ की है। अधिकारियों की चुप्पी: बिना आदेश के नक्शा बदलने का यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस ‘डिजिटल सेंधमारी’ को सुधारता है या फिर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। पीड़ित ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो वे उच्च न्यायालय (High Court) की शरण लेंगे। संपर्क हेतु (Contact Info): आशीष मिश्रा (पीड़ित) ग्राम पिपरी, तहसील सिरमौर, रीवा मोबाइल: 8959446240