भोपाल.
मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर द्वारा वर्ष 2026 -27 के लिए सभा समितियों का गठनकिया गया है जिसकी संयुक्त बैठक, आज 7 अप्रैल को अपराह्न 3:00 बजे से विधानसभा के मानसरोवर सभागार में आयोजित की गई है। बैठक में विधानसभा अध्यक्ष तोमर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय,समितियों के सभापति एवं सदस्यगण उपस्थित रहेंगे।
गठित समितियों में चार वित्तीय समितियां, लोक लेखा समिति, सरकारी उपक्रमों सबंधी समिति,प्राक्कलन समिति तथा स्थानीय निकाय एवं पंचायती राज लेखा समिति शेष अन्य पन्द्रह समितियां, कार्यमंत्रणा समिति, गैर सरकारी सदस्यों के विधेयकों तथा संकल्पों संबंधी समिति, याचिका एवं अभ्यावेदन समिति, प्रत्यायुक्त विधान समिति, शासकीय आश्वासनों संबंधी समिति, विशेषाधिकार समिति, नियम समिति, सदस्य सुविधा समिति, पुस्तकालय अनुसंधान एवं संदर्भ समिति, पटल पर रखे गए पत्रों का परीक्षण करने संबंधी समिति, प्रश्न एवं संदर्भ समिति, महिला एवं बाल कल्याण समिति, आचरण समिति, कृषि विकास समिति तथा सदस्यों के शिष्टाचार एवं सम्मान अनुरक्षण समिति का गठन किया गया है।

More Stories
चंदेल-बुन्देला कालीन जल संरचाओं का जीर्णोद्वार प्राथमिकता से किया जाये: मंत्री कुशवाह
हिनौती गौधाम गौ संरक्षण एवं प्राकृतिक खेती का दिव्यधाम बनेगा : उप मुख्यमंत्री
रीवा के राजस्व विभाग में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर: बिना किसी सरकारी आदेश के बदल दिया गया किसान की जमीन का नक्शा, RTI में हुआ सनसनीखेज खुलासा सिरमौर/रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले के तहसील सिरमौर अंतर्गत ग्राम पिपरी में राजस्व अभिलेखों के साथ गंभीर छेड़छाड़ और ‘डिजिटल फर्जीवाड़े’ का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ एक किसान की निजी भूमि का नक्शा बिना किसी आवेदन, बिना किसी सक्षम न्यायालय के आदेश और बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के कंप्यूटर रिकॉर्ड (पोर्टल) पर बदल दिया गया है। क्या है पूरा मामला? ग्राम पिपरी निवासी आशीष मिश्रा (पिता श्री सम्पत प्रसाद मिश्रा) ने अपनी आराजी क्रमांक 88/1 एवं 88/2 के नक्शे में हुई संदिग्ध तरमीम (संशोधन) को लेकर सूचना के अधिकार (RTI) के तहत जानकारी मांगी थी। महीनों के चक्कर लगवाने और प्रथम अपील के बाद जो जवाब विभाग से मिला, उसने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। RTI में विभाग ने खुद स्वीकारी ‘अंधेरगर्दी’: लोक सूचना अधिकारी एवं नायब तहसीलदार वृत्त बैकुण्ठपुर ने अपने लिखित प्रतिवेदन (पत्र क्रमांक 292/2026 दिनांक 06/02/2026) में स्वीकार किया है कि: कंप्यूटर नक्शे में तो तरमीम (बदलाव) दिख रहा है, लेकिन मूल पटवारी नक्शा शीट (Field Map) में इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है। राजस्व अभिलेखों (खसरा आदि) में इस तरमीम से संबंधित कोई भी प्रविष्टि दर्ज नहीं है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि विभाग को यह भी नहीं पता कि यह बदलाव किस वर्ष में हुआ और किस अधिकारी के आदेश से किया गया। यानी बिना किसी फाइल और बिना किसी आदेश के रातों-रात कंप्यूटर पर नक्शा बदल दिया गया। पीड़ित का आरोप: “राजस्व अमले की मिलीभगत से हुआ खेल” पीड़ित आशीष मिश्रा का कहना है कि उन्होंने इसके लिए दो बार आवेदन दिए और कई बार अधिकारियों के चक्कर काटे। उन्होंने आरोप लगाया कि पटवारी और संबंधित राजस्व कर्मचारियों ने निजी स्वार्थ के चलते अभिलेखों में कूट-रचना (Forgery) की है। पीड़ित ने अब एसडीएम सिरमौर से मांग की है कि इस अवैध तरमीम को तत्काल निरस्त किया जाए और उन दोषियों पर एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए जिन्होंने सरकारी पोर्टल के डेटा के साथ छेड़छाड़ की है। अधिकारियों की चुप्पी: बिना आदेश के नक्शा बदलने का यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस ‘डिजिटल सेंधमारी’ को सुधारता है या फिर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। पीड़ित ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो वे उच्च न्यायालय (High Court) की शरण लेंगे। संपर्क हेतु (Contact Info): आशीष मिश्रा (पीड़ित) ग्राम पिपरी, तहसील सिरमौर, रीवा मोबाइल: 8959446240