भोपाल
उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में ग्वालियर एवं जबलपुर स्थित शासकीय मेडिकल कॉलेजों में प्रस्तावित सुदृढ़ीकरण एवं उन्नयन कार्यों की वृहद समीक्षा की। उन्होंने प्रस्तावों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि इन मेडिकल कॉलेजों में अत्याधुनिक (स्टेट ऑफ द आर्ट) सुविधाएं विकसित की जाएं तथा मरीजों की सुविधा और उन्नत चिकित्सा के सभी प्रावधान सुनिश्चित किए जाएं। बैठक में अपर मुख्य सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा अशोक बर्णवाल, आयुक्त धनराजू एस, एमडी बीडीसी सिबी चक्रवर्ती सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि सभी प्रस्तावों पर त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करते हुए समयबद्ध रूप से स्वीकृति एवं क्रियान्वयन की दिशा में कार्य किया जाए, जिससे प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं सुलभ बनाया जा सके। बैठक में बताया गया कि ग्वालियर स्थित जयारोग्य अस्पताल के उन्नयन एवं सुदृढ़ीकरण के लिये प्रथम चरण में लगभग 911 करोड़ रुपये की लागत का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस चरण में एमसीएच एवं सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के उन्नयन सहित विभिन्न निर्माण कार्य शामिल हैं। कार्य पूर्ण होने के पश्चात अस्पताल के निर्मित क्षेत्र (बिल्ट-अप एरिया) में लगभग 30 प्रतिशत की वृद्धि होगी, साथ ही ओपन स्पेस एवं ग्रीन एरिया में 7 से 8 प्रतिशत तक विस्तार किया जाएगा। इसके अतिरिक्त एसटीपी एवं ईटीपी के माध्यम से परिसर को जीरो डिस्चार्ज कैंपस के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसी प्रकार नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज, जबलपुर में वर्तमान 750 बिस्तरीय अस्पताल को उन्नत कर 1200 बिस्तरों तक विस्तारित किया जाएगा। साथ ही सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल का विस्तार, हॉस्टल सुविधाओं का विकास तथा रेजिडेंशियल ब्लॉक के निर्माण कार्य भी प्रस्तावित हैं।
गजरा राजा मेडिकल कॉलेज, ग्वालियर में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार एवं अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण के लिए चरणबद्ध विकास कार्य प्रस्तावित किए गए हैं। प्रथम चरण में 1050 बिस्तरीय मातृत्व एवं शिशु चिकित्सालय, 600 बिस्तरीय स्पेशियलिटी चिकित्सालय, 100 बिस्तरीय टीबी एवं आइसोलेशन वार्ड का विस्तार और 100 बिस्तरीय रेडियोथेरेपी एवं कैंसर अस्पताल का विस्तारीकरण किया जाएगा। इसके साथ ही प्रशासनिक भवन, नर्सिंग महाविद्यालय, 500 बिस्तरीय नर्सिंग छात्रावास, आवासीय इकाइयां, सर्विस ब्लॉक, पार्किंग तथा बाह्य विकास कार्य भी किए जाएंगे, जिन पर लगभग 911 करोड़ रुपये की लागत का प्रावधान है। द्वितीय चरण में 1500 सीटर ऑडिटोरियम, मरीजों के परिजनों के लिए डॉर्मिटरी, सेंट्रल ड्रग स्टोर, आवासीय इकाइयां तथा पीजी छात्रावास भवन का निर्माण किया जाएगा।

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