March 21, 2026

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देश के दिल और असीम विकास अवसरों के केन्द्र मध्यप्रदेश से जुड़िए : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

 

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश और राजस्थान जुड़वा भाइयों की तरह हैं। दोनों राज्य मिलकर विकसित, आत्मनिर्भर और सशक्त भारत तैयार कर रहे हैं। हम सिर्फ विरासतों और विविधताओं के ही नहीं, आर्थिक दृष्टि से भी एक-दूसरे के स्वाभाविक साझेदार हैं। राजस्थान का विकसित टेक्सटाइल, जेम्स-एंड-ज्वेलरी और मध्यप्रदेश की ऑर्गेनिक कॉटन उत्पादन क्षमता, टेक्सटाइल पार्क एवं मज‍बूत मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम मिलकर एक सशक्त वैल्यू चैन तैयार कर सकते हैं। मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच पार्वती-कालीसिंध-चंबल राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है। ये परियोजना दोनों राज्यों की तस्वीर और तकदीर बदलेगी। लगभग 1 लाख करोड़ रूपए की इस परियोजना में दोनों राज्यों को मात्र 5-5 प्रतिशत राशि देनी होगी। इसकी 90 प्रतिशत लागत भारत सरकार देगी। उन्होंने कहा है कि दोनों राज्यों के बीच रोटी-बेटी का संबंध रहा है और अब पानी का संबंध भी बन गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को जयपुर में आयोजित 'इन्टरेक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश' में राजस्थान के निवेशकों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर सेशन का शुभारंभ किया। उन्होंने राज्य के सभी निवासियों को हाल ही में मनाए गए राजस्थान राज्य के स्थापना दिवस (19 मार्च) और अखंड सौभाग्य के लोक-पर्व गणगौर पूजन की बधाई और मंगलकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश अभूतपूर्व प्रगति कर रहा है। राज्यों के बीच प्राकृतिक संसाधनों के बंटवारे मधुरता से पूरे हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान के व्यापारियों ने देश-दुनिया में व्यापार-व्यवसाय में अपना नाम कमाया है। धन कमाने के लिए मन और बुद्धि चाहिए। राजस्थान के व्यापारियों ने अपनी क्षमता, युक्ति-बुद्धि और योग्यता से अपना लौहा मनवाया है। हम यहां दोनों राज्यों के बीच व्यापार संबंध प्रगाढ़ करने के लिए आए हैं। वर्तमान हालातों में कई तरह की चुनौतियां हैं, साथ ही हमारे पास आगे बढ़ने के स्वर्णिम अवसर भी हैं। कुछ साल पहले तक हमारे निवेशक खाड़ी देशों में निवेश के लिए जा रहे थे, लेकिन अब वहां स्थिति तेजी से बदल गई है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में औद्योगिक क्षेत्र में नियमों-कानूनों का सरलीकरण किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में औद्योगिक निवेश आकर्षित करने के लिए 26 प्रकार की नई नीतियां लागू की हैं। अब स्पेस और एआई सेक्टर के लिए भी हम पॉलिसी लाने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश, देश के सरप्लस बिजली स्टेट्स में से एक है। अब हम देश के 'ग्रीन, क्लीन एंड सोलर एनर्जी कैपिटल' के रूप में उभर रहे हैं। इलेक्ट्रिसिटी सरप्लस राज्य बनने के बाद अब मध्यप्रदेश की बिजली से दिल्ली में मेट्रो ट्रेन संचालित हो रही है। प्रदेश में लगभग 2 रुपए 90 पैसे प्रति यूनिट दर पर घरेलू बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। औद्योगिक विकास के साथ माइनिंग सेक्टर में भी तेज गति से कार्य हो रहे हैं। मेडिकल टूरिज्म के लिए राज्य में मेडिकल कॉलेजों की संख्या तेजी से बढ़ाई जा रही है। पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल खोलने के लिए 1 रुपए में लीज पर जमीन दी जा रही है। मध्यप्रदेश दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में भी आगे बढ़ रहा है। राज्य में 5 हजार से 50 हजार क्षमता की बड़ी गौशालाएं खोलने के लिए जमीन दी जा रही है। प्रति गौमाता अनुदान भी 20 रुपए से बढ़ाकर 40 रुपए कर दिया गया है। पशुओं की नस्ल सुधार और चिकित्सा के लिए उचित प्रबंध किए गए हैं। राज्य सरकार ने स्कूली बच्चों को नि:शुल्क दूध के पैकेट बांटने के लिए योजना की शुरुआत की है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक समय था, जब लोग कहते थे कि मध्यप्रदेश में उद्योग टिक ही नहीं सकते, किंतु आज मध्यप्रदेश भारत के सबसे तेजी से विकसित होते राज्यों में से एक है। मध्यप्रदेश की औद्योगिक विकास दर निरंतर बढ़ रही है। हमारी जीडीपी नई ऊँचाइयों को छू रही है। प्रदेश में निवेश की एक नई क्रांति आ रही है। उद्योगों की स्थापना एवं निवेश प्रोत्साहन के लिए हमने 6,104 करोड़ रूपये और इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए 1 लाख करोड़ रूपए का प्रावधान किया है। मध्यप्रदेश का 'सिंगल विंडो सिस्टम-इन्वेस्ट एमपी 3.0 पोर्टल' देश के श्रेष्ठ डिजिटल निवेश प्लेटफॉर्म में गिना जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश इंडस्ट्रियल प्रमोशन पॉलिसी 2025 अंतर्गत टेक्सटाइल एवं परिधान क्षेत्र को शामिल कर निवेशकों को आकर्षक इंसेंटिव प्रदान किए जा रहे हैं। अनेक प्रमुख कंपनियाँ मध्यप्रदेश में आ चुकी हैं और निवेश कर रही हैं। मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले में भारत का पहला 'मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन फॉर पॉवर एंड रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट' विकसित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि होटल, हॉस्पिटल जैसे सेक्टर्स में बड़े निवेश पर कैपिटल सब्सिडी दी जा रही है। प्रदेश के रीवा में टाइगर सफारी और एयरपोर्ट की सौगात भी मिल चुकी है। राज्य की एविएशन पॉलिसी के अंतर्गत हवाई सेवाएं उपलब्ध कराने वाली कंपनियों को प्रति फ्लाइट 15 लाख वीजीएफ दिया जा रहा है। राज्य के अंदर और राज्य के बाहर भी हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध कराई जा रही है। टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए पीएम हेली सर्विस शुरू की गई है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि म.प्र. ने बिजली के समुचित बंटवारे के लिए उत्तरप्रदेश के साथ एक मॉडल तैयार किया है। मुरैना में प्लांट स्थापित कर 6-6 महीने बिजली उपयोग करने के लिए सहमति बनी है। पीकेसी परियोजना में दोनों राज्यों ने एक-दूसरे की बेहतरी के लिए निर्णय लिया है। सूखे क्षेत्र को पानी मिल जाए, तो लोगों की जिंदगी बदल जाती है। इसीलिए यही समय है,

मध्यप्रदेश और राजस्थान देश के साथ आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान की उद्यमशीलता और मध्यप्रदेश की संसाधन क्षमता मिलकर सेंट्रल इं‍डिया को इंडस्ट्रियल पॉवर सेंटर बना सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों से अपील करते हुए कहा कि आप देश के दिल, असीम संभावनाओं और विकास अवसरों के केंद्र से जुड़िए, बेहिचक मध्यप्रदेश में निवेश कीजिए। मध्यप्रदेश में बेहतर नीतियां, बेहतर अवसर, बेहतर इन्सेंटिव, बेहतर इकोसिस्टम, बेहतर मार्केट लिंकेज और बेहतर ग्रोथ रेट के साथ आपको हर कदम पर सरकार का फुल सपोर्ट मिलेगा।

राजस्थान और मध्यप्रदेश परिवार जैसे : मंत्री  चौधरी

राजस्थान सरकार में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं भूजल मंत्री  कन्हैयालाल चौधरी ने कहा कि हैं। दोनों राज्य सरकारों ने सबसे पहले आपसी समन्वय से जल बंटवारे का समाधान निकाला है। इससे पश्चिमी राजस्थान के सभी जिलों को भरपूर पेयजल एवं खेतों में सिंचाई के लिए पानी मिलेगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश के लिए बेहद अनुकूल वातावरण उपलब्ध है। दोनों राज्य मिलकर देश के औद्योगिक विकास की यात्रा पर साथ आगे बढ़ेंगे।

म.प्र. में है औद्योगिक प्रगति और निवेश की अनंत संभावनाएँ

औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन तथा एमएसएमई के प्रमुख सचिव  राघवेंद्र कुमार सिंह ने निवेशकों को बताया कि मध्यप्रदेश भारत के हृदय में स्थित राज्य है। जहां हर सेक्टर में औद्योगिक प्रगति और निवेश की अनंत संभावनाएं विद्मान हैं। मध्यप्रदेश ने नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। प्रदेश में 8 एयरपोर्ट और औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए 1 लाख एकड़ भूमि उपलब्ध है। राज्य सरकार ने 'ईज ऑफ डूइंग' पर ध्यान देते हुए नई औद्योगिक नीतियां लागू की हैं। निवेशकों को 40 प्रतिशत तक कैपिटल सब्सिडी दी जा रही है। कृषि, डेयरी और फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं हैं। उद्यानिकी फसलों के उत्पादन में मध्यप्रदेश अग्रणी राज्य है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने धार में टेक्सटाइल सेक्टर के पहले पीएम मित्र पार्क का भूमि-पूजन किया है। यहां निवेशकों को 1150 एकड़ भूमि का आवंटन किया जा चुका है। बाबई-मोहासा औद्योगिक प्रक्षेत्र में स्थित 29 इकाइयों के लिए करीब 52 हजार करोड़ रूपए का निवेश मिला है। सागर में 1500 एकड़ क्षेत्र में विशेष औद्योगिक प्रक्षेत्र विकसित किया जा रहा है। रतलाम में 1000 एकड़ का मेगा इंडस्ट्रियल पार्क है। विक्रम उद्योगपुरी और धार इंडस्ट्रियल एरिया में भी निवेश के अच्छे अवसर हैं। राज्य में जन विश्वास अधिनियम लागू किया गया है। निवेशकों के लिए इन्वेस्टमेंट पोर्टल और सिंगल विंडो सिस्टम की शुरूआत की गई है। मध्यप्रदेश में वॉल्वो जैसी ऑटोमोबाइल कंपनी सालों से अपना बिजनेस बढ़ा रही हैं।

मध्यप्रदेश ने भरी लंबी उड़ान

राजस्थान चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रेसिडेंट डॉ. के.एल. जैन ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में औद्योगिक विकास को तेजी से गति मिल रही है। राज्य ने लंबी उड़ान भरी है। देश-दुनिया के निवेशक मध्यप्रदेश में तेजी से निवेश कर रहे हैं। राज्य में इंडस्ट्रियल और सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर साथ-साथ बढ़ रहे हैं। डॉ. जैन ने कहा कि मध्यप्रदेश के साथ राजस्थान भी पीकेसी परियोजना पर काम कर रहा है। वन्यजीव पर्यटन में भी मध्यप्रदेश काफी आगे है। रीवा इकलौता क्षेत्र हैं, जहां सफेद बाघ देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि राजस्थान के साथ मुख्यमंत्री डॉ. यादव का हमेशा ही मित्रवत व्यवहार रहा है। राजस्थान के निवेशक मध्यप्रदेश में अपना विस्तार कर रहे हैं। राजस्थान भी मध्यप्रदेश की नीतियों पर चलते हुए आगे बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश रिलीजियस और हेल्थ टूरिज्म में भी उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है।

बाबई-मोहासा औद्योगिक प्रक्षेत्र में 1650 करोड़ रुपए का निवेश

इन्सुलेशन एनर्जीस के चेयरमेन  मनीष गुप्ता ने बताया कि उन्होंने नर्मदापुरम जिले के बाबई-मोहासा औद्योगिक प्रक्षेत्र में करीब 1650 करोड़ रुपए का निवेश किया है, जिससे 1000 लोगों को रोजगार मिलेगा। यहां 45 एकड़ में औद्योगिक इकाई स्थापित करने में कोई बाधा नहीं आई। सड़क, बिजली और पानी जैसी सभी बुनियादी सुविधाएं यहां पहले से उपलब्ध हैं। अक्टूबर 2025 में परियोजना का कार्य प्रारंभ हो चुका है और नवंबर-दिसंबर 2026 तक यूनिट पूरी तरह तैयार हो जाएगी। इस औद्योगिक क्षेत्र में हमारी सोलर सेल निर्माण इकाई देश की सबसे अच्छी यूनिट होगी। हम यहां भविष्य की ऊर्जा का निर्माण कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में तेजी से औद्योगिक विकास हो रहा है।

राजस्थान से मध्यप्रदेश में स्टार्टअप्स में आएगा बड़ा निवेश

राजस्थान एंजल्स ग्रुप के चेयरमैन  महावीर प्रताप शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बधाई देता हूं। हमारी कंपनी ने टायर रीसाइक्लिंग के लिए देश का पहला प्लांट सेटअप किया है। एआई के दौर में डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए सस्ती बिजली की जरूरत है। इसके लिए आबुधाबी फंड्स रूचि दिखा रहा है। मध्यप्रदेश ऐसा राज्य है, जहां 4 रुपए प्रति यूनिट औद्योगिक दर पर बिजली उपलब्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पिछले दो माह में निवेशकों को आकर्षित करने के लिए तीसरी बार राजस्थान आए हैं। इन्वेस्टमेंट 'अपॉर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश' सेशन में सीआईआई की राजस्थान इकाई के चेयरमैन  रजनीश भंडारी ने मध्यप्रदेश सरकार की नीतियों की सराहना की।

राजस्थान चैम्बर ऑफ कॉमर्स की ओर से पदाधिकारी  एन.के. जैन सत्र में शामिल हुए सभी निवेशकों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर  देवेंद्र सिंह शेखावत,  ओंकार बागेरिया, एमपीआईडीसी के प्रबंध संचालक  चंद्रमौली शुक्ला सहित प्रमुख उद्योगपति विशेष रूप से उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रीय संस्था लघु उद्योग भारती की राजस्थान इकाई के सभी पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आत्मीय स्वागत किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों के साथ की वन-टू-वन चर्चा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जयपुर में आयोजित 'इंटरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश' सत्र में विभिन्न उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन मीटिंग भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजस्थान एंजल्स के अध्यक्ष  महावीर प्रताप शर्मा, महिंद्रा लाइफ साइंसेज के हेड  अनुज बिंदल, इन्सोलेशन एनर्जी के चेयरमैन  मनीष गुप्ता, फेडरेशन ऑफ राजस्थान ट्रेड एण्ड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष  सुरेश अग्रवाल, प्रताप ग्रुप के मैनेजिंग डॉयरेक्टर  देवेन्द्र सिंह शेखावत, डीजीएस ट्रांस लॉजिस्टिक्स के डॉयरेक्टर  सौरभ खंडेलवाल, अक्षय इन्फ्रासिस इंडस्ट्रीज के मैनेजिंग डॉयरेक्टर  अक्षय हाड़ा, प्लास्टिक मेन्युफैक्चर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष  श्रवण शर्मा, हॉस्पिटेलिटी एवं टूरिज्म एसोसिएशन के अध्यक्ष  कैलाश खंडेलवाल और मैजेस्टिक बासमती राइस प्रा.लि. के डॉयरेक्टर  विज्ञान लोढ़ा से वन-टू-वन चर्चा कर उन्हें मध्यप्रदेश में निवेश के लिये आमंत्रित किया।