पीथमपुर
भोपाल गैस त्रासदी के 40 वर्ष बाद यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के कचरे को धार जिले के पीथमपुर स्थित संयत्र में लाकर निस्तारित करने की प्रक्रिया विरोध के कारण रुकी हुई है। पीथमपुर में भारी विरोध के कारण 41 दिन से कचरे से भरे ट्रॉले रामकी कंपनी परिसर में ही खड़े थे। इन 12 कंटेनरों को गुरुवार दोपहर ट्रॉलों से नीचे उतार दिया गया।
दरअसल, 41 दिन से ट्रॉले रामकी कंपनी परिसर में ही खड़े थे। इनका एक महीने का किराया भी लगभग 12 लाख रुपए हो चुका है। अभी कंटेनरों से जहरीला कचरा बाहर नहीं निकाला गया है। हाईकोर्ट से आदेश मिलने के बाद ही कचरे को कंटेनरों से बाहर निकाला जाएगा। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा का कहना है यहां होने वाल वाली हर प्रक्रिया की सीसीटीवी निगरानी होगी।
गुरुवार को दोपहर के समय प्रशासन के अफसर-नेता सहित पुलिस अफसरों की मौजूदगी में कंटेनरों को नीचे उतारा गया। ढाई घंटे की मशक्कत के बाद दो क्रेन की मदद से कंटेनरों को अनलोड किया गया। प्रशासन ने बताया कि एक माह से खड़े कंटेनरों के कारण कंपनी काे 12 लाख रु. का किराया वाहन का लग रहा था। इसलिए अनलोड करने की कार्रवाई की गई।
धार कलेक्टर प्रियंक मिश्र ने कहा कि अभी सिर्फ इन कंटेनरों काे उतारा गया है। इन्हे खोलने की प्रक्रिया का काेई आदेश नहीं मिला है। गौरतलब है कि भोपाल से यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा पीथमपुर में 2 जनवरी काे 12 कंटेनरों में लाया गया था। कचरा पीथमपुर पहुंचने के बाद लगातार आमजन आक्रोशित थे। इसी के चलते पिछले 41 दिनाें से यह कंटेनर ऐसे ही कंपनी में खड़े हुए थे।
उधर, पीथमपुर बचाओ समिति सहित अनेक संगठनों ने बुधवार काे कचरा निष्पादन के विरोध में शवासन की मुद्रा कर विरोध प्रदर्शन किया था। सीएसपी विवेक गुप्ता ने बताया कि बगैर अनुमति प्रदर्शन करने के मामले में संदीप रघुवंशी, डॉ. हेमंत हिरोले, मोना सोलंकी, प्रदीप दुबे आदि पर केस दर्ज किया गया है।
बगैर अनुमति प्रदर्शन करने पर केस दर्ज
पीथमपुर बचाओ समिति सहित अनेक संगठनों ने बुधवार काे कचरा निष्पादन के विरोध में शवासन की मुद्रा कर विरोध प्रदर्शन किया था। सीएसपी विवेक गुप्ता ने बताया कि बगैर अनुमति प्रदर्शन करने के मामले में संदीप रघुवंशी, डॉ. हेमंत हिरोले, मोना सोलंकी, प्रदीप दुबे आदि पर केस दर्ज किया गया है।
यूका के कचरे के निष्पादन में पारदर्शिता बरती जाएगी
यूका के कचरे के निष्पादन के लिए पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है। इस प्रक्रिया में सभी को विश्वास में लेकर आगे बढ़ा जाएगा। कंटेनरों को ट्रॉलों से उतारना आवश्यक था। -प्रियंक मिश्र, कलेक्टर, धार

More Stories
बैतूल में दूषित पानी का संकट: बच्चे बीमार, खुजली-बुखार से जूझ रहे; दिग्विजय सिंह ने जताई चिंता
MPESB Recruitment 2026: 1679 सरकारी पदों पर भर्ती, आवेदन की आखिरी तारीख बढ़ी—जल्द करें अप्लाई
डेढ़ माह में भी नहीं उड़ा पाए चोरी का माल: नाबालिग साथी संग आरोपी धराया, तेल-घी और नकदी बरामद