हिंदुस्तान में ज्यादातर महिलाएं अपने दिन की शुरूआत रसोई घर से करती हैं। ऐसे में रसोई का साफ-सुथरा होना व कई अन्य चीजों का उचित स्थान पर होना भी ज़रूरी होता है। घर में रसोई घर सबसे पवित्र स्थान माना जाता है। इसका सीधा संबंध घर के सदस्यों की हैल्थ और आर्थिक स्थिति पर पड़ता है इसलिए महिलाओं को घर की लक्ष्मी भी कहा जाता है।
वास्तु शास्त्र के अनुसार रसोई घर और गैस की नियमित रूप से सफाई करनी चाहिए। गंदा रसोई घर आपको कभी भी फलने- फूलने नहीं देगा और ऐसे घरों में नकारात्मक शक्तियों का आगमन होता है।
ध्यान रखें रात के समय कभी भी रसोईघर में जूठे बर्तन रखकर न सोएं। ऐसा करने से आपकी हैल्थ पर बुरा असर पड़ता है और घर में नकारात्मकता बढ़ने लगती है।
वास्तु शास्त्र के अनुसार खाना बनाते वक्त आपका मुख पूर्व दिशा की ओर ही रहना चाहिए। यह दिशा ग्रहों के राजा सूर्य की दिशा मानी जाती है। ऐसे में इस दिशा में खाना बनाने से नवग्रहों का शुभ प्रभाव मिलता है।
खाना बनाते समय आपका मुख दक्षिण दिशा में नहीं होना चाहिए। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, केवल दक्षिण दिशा ही नहीं बल्कि उत्तर और पश्चिम दिशा की ओर मुख करके भी भोजन नहीं बनाना चाहिए। ऐसा करने से घर की बरकत चली जाती है। साथ ही परिवार में गरीबी आने लगती है।
सीढ़ियों के नीचे कभी भी रसोई घर नहीं होना चाहिए। अगर ऐसा होता है तो आप हमेशा कर्ज से लदे रहते हैं। तो वहीं, शोचालय के ऊपर या नीचे भी रसोई नहीं होनी चाहिए अगर ऐसा होता है तो परिवार के लोगों की सेहत और धन पर बुरा असर पड़ता है। घर की आर्थिक स्थिति कमज़ोर हो जाती है।
बिजली के उपकरण जैसे माइक्रोवेव, मिक्सी आदि, इस तरह के बिजली उपकरणों को आप दक्षिण पूर्व कोने में रखने चाहिए। इसके अलावा बर्तन स्टैंड या कोई अन्य भारी वस्तु दक्षिण या पश्चिम दिशा में रखना शुभ फल देता है।
घर में रसोई दक्षिण पूर्व यानी अग्नि कोण में होना बेहद जरूरी है। घर की किचन का इस दिशा में होना बहुत शुभ माना गया है। इस दिशा के अलावा आप अपने किचन को उत्तर पश्चिम या पूर्व मध्य दिशा में भी बनवा सकते हैं।

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