धार
इंदौर-दाहोद रेल परियोजना के तहत पीथमपुर से धार तक ट्रेन संचालन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ा है. पश्चिम रेलवे मंडल के रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) श्रीनिवास ने पीथमपुर से धार के बीच नवनिर्मित रेल ट्रैक का निरीक्षण किया. उन्होंने रेलवे ट्रॉली में बैठकर करीब 43 किलोमीटर लंबे रेल मार्ग का जायजा लिया. इस दौरान रेलवे के अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे. निरीक्षण के बाद इंजन को 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाकर गति परीक्षण भी किया गया।
सीआरएस ने तकनीकी व्यवस्थाओं को परखा
निरीक्षण के दौरान रेल संरक्षा आयुक्त ने ट्रैक की स्थिति, बिजली व्यवस्था, सिग्नल सिस्टम और रास्ते में आने वाले पुल-पुलियों का बारीकी से परीक्षण किया. इसके साथ ही रेल संचालन से जुड़ी अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं को भी परखा गया. गति परीक्षण के जरिए ट्रैक की क्षमता और निर्धारित रफ्तार पर रेल परिचालन की उपयुक्तता की जांच की गई. रेलवे की इस प्रक्रिया को ट्रेन संचालन शुरू करने से पहले महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
रिपोर्ट के बाद तय होगी ट्रेन संचालन की तारीख
रेल संरक्षा आयुक्त के निरीक्षण और गति परीक्षण के बाद अब रिपोर्ट तथा जरूरी औपचारिकताओं पर आगे की प्रक्रिया निर्भर करेगी. रेलवे की अंतिम मंजूरी मिलने और यदि कोई तकनीकी कमी सामने आती है तो उसे दूर करने के बाद ही ट्रेन संचालन की तारीख तय होगी. ऐसे में धार तक ट्रेन पहुंचने की दिशा में यह निरीक्षण अहम पड़ाव माना जा रहा है।
निरीक्षक आयुक्त रेलवे श्रीनिवास ने बताया, हमने पीथमपुर से धार तक दो दिन का निरीक्षण किया है. जिसमें रेलवे के विभिन्न विभागों के काम बिजली व्यवस्था, सिग्नल सिस्टम और रास्ते में आने वाले पुल-पुलियों और कम्युनिकेशन का बारीकी से परीक्षण किया है।
धार को मिलेगी इंदौर से रेल कनेक्टिविटी
ट्रेन संचालन शुरू होने से धार और आसपास के क्षेत्र के लोगों को इंदौर से रेल मार्ग के जरिए जुड़ने की सुविधा मिलेगी. फिलहाल इस क्षेत्र के यात्रियों को आवागमन के लिए सड़क मार्ग पर निर्भर रहना पड़ता है. रेल सुविधा शुरू होने से यात्रियों को एक नया विकल्प मिलेगा. इंदौर-दाहोद रेल परियोजना के तहत धार तक ट्रेन पहुंचने का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा है. अब सीआरएस निरीक्षण के बाद लोगों की उम्मीदें बढ़ गई हैं. हालांकि ट्रेन कब से चलेगी, यह रेलवे की अंतिम मंजूरी और आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।

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