October 19, 2026

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ईरान या हूतियों का डर? अमेरिका ने 11 देशों में जारी किया सिक्योरिटी अलर्ट

 

दुबई 
मिडिल ईस्ट में आखिर क्या होने वाला है? अमेरिका ने क्षेत्र के 11 अरब देशों और इलाकों में अपने नागरिकों के लिए सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया है. जारी चेतावनियों में सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कुवैत, जॉर्डन, बहरीन, ओमान, कतर, इराक, लेबनान, यमन और इजरायल शामिल हैं. अमेरिकी मिशनों ने नागरिकों को सतर्क रहने और अचानक बदलते हालात के लिए तैयार रहने को कहा है। 

अमेरिका ने चेतावनी दी है कि क्षेत्र में तनाव बढ़ने पर हवाई क्षेत्र बंद हो सकते हैं, उड़ानें रद्द हो सकती हैं और यात्रा योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं. अलर्ट में यह भी आशंका जताई गई है कि ईरान और उसके समर्थन वाले हूती जैसे समूह विदेशों में अमेरिकी हितों को निशाना बना सकते हैं. इनमें अमेरिका से जुड़ी कंपनियां और संस्थान भी शामिल हैं। 

हवाई क्षेत्र बंद होने और उड़ानें रद्द होने की आशंका
अमेरिकी राजनयिक मिशनों ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे उड़ानों की स्थिति की जानकारी सीधे एयरलाइंस और एयरपोर्ट से लें. उड़ानों के तय समय पर चलने की गारंटी मानकर न चलें. इराक में अमेरिकी मिशन ने बगदाद, इरबिल, बसरा और सुलेमानिया एयरपोर्ट की उड़ानों की जानकारी लेने को कहा है. लेबनान में अमेरिकी दूतावास ने बेरूत के रफीक हरीरी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जानकारी लेने की सलाह दी है। 

सऊदी अरब, UAE, कुवैत, जॉर्डन, बहरीन, ओमान और कतर के लिए भी इसी तरह की चेतावनी जारी की गई है. हालांकि, इन अलर्ट का मतलब यह नहीं है कि क्षेत्र के एयरपोर्ट बंद हो गए हैं या सभी उड़ानें रद्द कर दी गई हैं. यात्रियों को अपनी फ्लाइट की स्थिति की पुष्टि करने को कहा गया है। 

ईरान और हूती हमलों का भी जिक्र
अमेरिकी चेतावनियों में ईरान समर्थित हूती बलों के सऊदी अरब पर हमलों का भी जिक्र है. इनमें नागरिक एयरपोर्ट और अहम बुनियादी ढांचे को निशाना बनाए जाने की बात कही गई है. इन हमलों से नागरिकों के हताहत होने और यात्रा में गंभीर रुकावट आने की जानकारी दी गई है. ईरान के लिए अमेरिकी वर्चुअल दूतावास ने दोहराया है कि अमेरिकी नागरिक वहां यात्रा न करें और जो अमेरिकी नागरिक ईरान में मौजूद हैं, वे देश छोड़ दें। 

मिसाइल अटैक में 18 लोगों की मौत, रियाद में भी गिरीं मिसाइलें

हूती विद्रोहियों ने सऊदी समर्थित यमन की सरकारी सेना पर हमला जोरदार हमला किया है. इस हमले में 18 लोग मारे गए हैं. रॉयटर्स को सरकारी और मेडिकल कॉलेज के चार सूत्रों ने बताया कि सोमवार को यमन के शबवा प्रांत में ईरानी समर्थक हूती विद्रोहियों द्वारा यमनी सरकार के एक मिलिट्री ट्रेनिंग कैंप पर किए गए हमले में कम से कम 18 लोग मारे गए। 

सरकारी सूत्रों ने बताया कि यह हमला सुबह किया गया. और इसमें ट्रेनिंग के दौरान सैनिकों को निशाना बनाया गया था. हमले के लिए हूती विद्रोहियों ने तीन बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। 

यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का समर्थन करने वाले सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन और राजधानी सना तथा उत्तरी हिस्से के बड़े भाग पर नियंत्रण रखने वाले हूतियों के बीच हाल के हफ्तों में लड़ाई तेज हो गई है. यह व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष का एक और मोर्चा बन गया है, जिसकी शुरुआत फरवरी के अंत में ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों से हुई थी। 

अमेरिकी नागरिकों को क्या सलाह दी गई?
अमेरिकी मिशनों ने अपने नागरिकों से प्रदर्शन और
बड़ी भीड़ से दूर रहने, पुलिस की भारी मौजूदगी वाले इलाकों से बचने और स्थानीय मीडिया पर नजर रखने को कहा है. उन्हें स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने, फोन चार्ज रखने और अमेरिका से जुड़े संस्थानों के आसपास अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। 

नागरिकों को अमेरिकी विदेश मंत्रालय के स्मार्ट ट्रैवलर एनरोलमेंट प्रोग्राम (STEP) में रजिस्टर कराने के लिए भी कहा गया है, ताकि उन्हें सुरक्षा से जुड़े अपडेट मिल सकें. यमन के लिए जारी चेतावनी में कहा गया है कि सुरक्षा जोखिमों के कारण अमेरिकी सरकार वहां अपने नागरिकों को आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध नहीं करा सकती. अमेरिकी दूतावासों ने यह भी स्पष्ट किया है कि इराक के बगदाद और लेबनान में उनके दूतावास सामान्य नागरिक सेवाएं दे रहे हैं।