मुंबई
रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और टेलीकॉम कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ निवेशकों के बीच चर्चा में है. कंपनी ने आईपीओ से जुड़ा रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) दाखिल कर दिया है. इसके साथ ही इश्यू का प्राइस बैंड, शेयरों की डीटेल और आईपीओ से जुड़ी अहम जानकारी सामने आई है. कंपनी इस इश्यू के जरिए करीब 30,213 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है. यह देश का सबसे बड़ा आईपीओ माना जा रहा है।
जियो प्लेटफॉर्म्स का कारोबार सिर्फ मोबाइल इंटरनेट तक सीमित नहीं है. कंपनी के तहत रिलायंस जियो का टेलीकॉम बिजनेस और कई डिजिटल सर्विसेस आती हैं. ऐसे में निवेशकों की नजर आईपीओ पर रहेगी. हालांकि, निवेश से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, कारोबार और आईपीओ की शर्तों को समझना जरूरी है।
क्या है जियो आईपीओ का प्राइस बैंड?
जियो प्लेटफॉर्म्स ने आईपीओ के लिए 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है. यानी निवेशकों को इसी दायरे में शेयरों के लिए बोली लगानी होगी. अंतिम कीमत तय होने के बाद शेयरों का अलॉट किया जाएगा।
कितने शेयर जारी करेगी कंपनी?
इस आईपीओ में कुल 27 करोड़ शेयरों का इश्यू है. अपर प्राइस बैंड 1,119 रुपये के हिसाब से कंपनी करीब 30,213 करोड़ रुपये जुटा सकती है. वहीं, 1,065 रुपये के निचले प्राइस बैंड पर यह रकम करीब 28,755 करोड़ रुपये होगी।
देश के बड़े आईपीओ के बीच कहां होगी जियो की जगह?
जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ अपर प्राइस बैंड पर करीब 30,213 करोड़ रुपये का होगा. इसके साथ यह देश का सबसे बड़ा आईपीओ बन सकता है. इससे पहले हुंडई मोटर इंडिया ने 27,870 करोड़ रुपये, एनएसई के प्रस्तावित आईपीओ का साइज करीब 22,569 करोड़ रुपये, एलआईसी ने 20,557 करोड़ रुपये और पेटीएम ने 18,300 करोड़ रुपये का आईपीओ पेश किया था।
कब खुलेगा और कब बंद होगा आईपीओ?
जियो आईपीओ टाइमलाइन के मुताबिक, 19 अक्टूबर को एंकर निवेशकों के लिए अलॉट होगा. आम निवेशकों के लिए आईपीओ 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर को बंद होगा. निवेश करने से पहले कंपनी के डॉक्यूमेंट्स में दी गई तारीखों को जरूर चेक कर लें।
कर्मचारियों को कितना मिलेगा फायदा?
कंपनी ने एलिजिबल कर्मचारियों के लिए 500 करोड़ रुपये तक के शेयर रिजर्व रखे हैं. इन कर्मचारियों को प्रति शेयर 54 रुपये की छूट भी मिलेगी. हालांकि, इसका फायदा उन्हीं कर्मचारियों को मिलेगा जो कंपनी की तय पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं।
रिलायंस के शेयरधारकों के लिए क्या है खास?
रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र मौजूदा शेयरधारकों के लिए 2,500 करोड़ रुपये तक के शेयर रिजर्व रखे गए हैं. इसमें वे पात्र व्यक्ति और हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) शामिल हैं, जिनके पास 14 अक्टूबर को रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर थे. यह तारीख आरएचपी दाखिल करने की तारीख है. इस कैटेगरी में आवेदन करने के लिए संबंधित नियमों और पात्रता शर्तों को पूरा करना जरूरी है।
जियो प्लेटफॉर्म्स का कारोबार क्या है?
जियो प्लेटफॉर्म्स के तहत रिलायंस जियो का टेलीकॉम कारोबार और डिजिटल सर्विसेस देती आती हैं. कंपनी मोबाइल कनेक्टिविटी और इंटरनेट के अलावा डिजिटल प्लेटफॉर्म तथा अन्य तकनीकी सेवाओं के क्षेत्र में भी काम करती है. यह रिलायंस इंडस्ट्रीज की उपभोक्ता कारोबार से जुड़ी स्ट्रैटजी का अहम हिस्सा है।
आईपीओ से जुटाई रकम क्यों अहम है?
आईपीओ से जुटाई जाने वाली रकम कंपनी के साइज और बाजार में उसकी स्थिति को लेकर निवेशकों का ध्यान खींच रही है. हालांकि, रकम का इस्तेमाल किस तरह होगा, इसकी सही जानकारी के लिए आरएचपी में दिए गए प्रस्ताव को जानना जरूरी है।
निवेश से पहले किन बातों को समझें?
किसी भी आईपीओ में निवेश से पहले कंपनी की कमाई, कर्ज, कारोबार की वृद्धि, कॉम्टिटेविटी और भविष्य के प्लान को समझना चाहिए. जियो प्लेटफॉर्म्स के मामले में भी निवेशकों को आरएचपी में दिए गए वित्तीय आंकड़ों और कारोबार से जुड़ी जानकारियों का एनालिसिस करना चाहिए।
2008 के बाद रिलायंस ग्रुप का पहला IPO
जियो प्लेटफॉर्म्स की शेयर बाजार में लिस्टिंग रिलायंस ग्रुप के लिए भी खास होगी, क्योंकि 2008 के बाद यह ग्रुप का पहला आईपीओ होगा. साथ ही, किसी कंज्यूमर-फोकस्ड कारोबार की यह पहली बड़ी पब्लिक पेशकश होगी. जियो प्लेटफॉर्म्स रिलायंस के डिजिटल कारोबार का प्रमुख हिस्सा है. कंपनी क्लाउड, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और एंटरप्राइज नेटवर्क सर्विसेज जैसे सेक्टर्स में भी अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है।

More Stories
शेयर बाजार में तूफानी तेजी, सेंसेक्स 650 अंक उछला; IT शेयरों में सबसे ज्यादा उछाल
एलॉन मस्क के आरोपों पर सुनील मित्तल का करारा जवाब! स्टारलिंक की एंट्री में देरी पर छिड़ी बहस
तेल-गैस संकट का खतरा फिर बढ़ा! सऊदी अरब पर हमलों की आशंका से कच्चे तेल में उछाल, क्या महंगा होगा पेट्रोल-डीजल?