भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातीय समूह (पीवीटीजी) में आने वाली बैगा, भारिया एवं सहरिया जनजातीय युवाओं की विशेष कंपनियां पुलिस में गठित की जाएंगी। खंडवा में नई पुलिस बटालियन स्थापित की जाएगी।
राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल की दो बटालियनों का गठन किया जाएगा, जिसमें पहले चरण में एक का होगा। वह सोमवार को भोपाल के रवींद्र भवन में अभिनंदन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। पुलिस में भर्तियां और पदोन्नतियों पर सीएम का अभिनंदन कार्यक्रम रखा गया था।
पुलिस का बल और मनोबल दोनों बढ़ाएंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस का बल और मनोबल दोनों बढ़ाएंगे। पुलिस विभाग के 58 संवर्गों में 27 हजार 534 पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को पदोन्नत किया गया है। वर्ष 2023 से अब तक विभिन्न संवर्गों में 14 हजार 704 से अधिक पुलिसकर्मियों का चयन हुआ है, जबकि 9751 पदों पर भर्ती चल रही है।
विभागीय और तकनीकी कारणों से लंबे समय तक पदोन्नति को लेकर असमंजस की स्थिति रही। इसका मलाल है कि 20 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी बिना पदोन्नति सेवानिवृत्त हो गए। पुलिसकर्मी ईमानदारी, संवेदनशीलता, अनुशासन और निष्पक्षता के साथ काम करें। जनता में पुलिस के प्रति प्रेम और अपराधियों में कानून का खौफ पैदा करना जरूरी है।
सीएम ने कहा- गृह विभाग का मुझे ज्यादा ध्यान
कार्यक्रम में डीजीपी कैलाश मकवाणा ने बताया कि पुलिस में अभी भी 20 हजार पद रिक्त हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी दो वर्षों में आरक्षक और सब इंस्पेक्टर के जितने पदों पर भर्ती शेष है, उसे भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
मध्य प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड बनाने का काम चल रहा है। सरकार के ढाई साल पूरे हो चुके हैं। गृह विभाग की जिम्मेदारी भी मेरे पास है, इसलिए अन्य विभागों की तुलना में इस पर थोड़ा ज्यादा ध्यान देने का प्रयास करता हूं।
खंडवा में बनेगी नई बटालियन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस बल के सशक्तिकरण के लिए राज्य में तीन नई पुलिस बटालियन बनाने की घोषणा की है. इस योजना के तहत पहली नई पुलिस बटालियन खंडवा जिले में स्थापित की जाएगी. इसके अतिरिक्त दो अन्य बटालियनों का भी गठन किया जाएगा. सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने ‘राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल’ के गठन का भी ऐलान किया. विशेष रूप से, इन नई बटालियनों में बैगा, भारिया और सहरिया वर्ग के युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
दो साल में भरे जाएंगे सभी रिक्त पद
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें इस बात का मलाल है कि पूर्व में करीब 20 हजार से अधिक पुलिसकर्मी बिना प्रमोशन के ही रिटायर हो गए. उन्हें पदोन्नति का लाभ नहीं मिल पाया था. इस स्थिति को सुधारते हुए वर्तमान सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने 27000 से अधिक पुलिस कर्मचारियों और अधिकारियों का प्रमोशन किया है. साथ ही, प्रदेश में लगभग 25000 से अधिक पुलिस पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है. मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि पुलिस विभाग के सभी रिक्त पदों को आगामी दो वर्षों के भीतर पूरी तरह से भर दिया जाएगा।
बुनकर और शिल्पकारों का सम्मान
सुरक्षा के साथ-साथ राज्य की समृद्ध विरासत को सहेजने के लिए भी बड़ा काम किया जा रहा है. भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में राज्य स्तरीय बुनकर और शिल्पी सम्मेलन आयोजित किया गया. हाथकरघा सप्ताह के तहत आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के कोने-कोने से बुनकर और शिल्पी शामिल हुए।
वेब कॉमर्स पोर्टल लॉन्च
राज्य के पारंपरिक कलाकारों को सीधे बाजार से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री ने एक नया वेब कॉमर्स पोर्टल लॉन्च किया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारी सरकार बुनकर और शिल्पियों की बेहतरी के लिए लगातार काम कर रही है. उन्होंने मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत की सराहना की।
लोकल से ग्लोबल की ओर मध्य प्रदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘लोकल फॉर वोकल’ और ‘लोकल टू ग्लोबल’ के लिए काम कर रहे हैं. इसी राह पर चलते हुए मध्य प्रदेश सरकार भी ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ODOP) योजना के तहत काम कर रही है. इससे राज्य के हर जिले के उत्पाद को बेहतर बाजार मिल रहा है. नया वेब कॉमर्स पोर्टल कलाकारों को नया बाजार उपलब्ध कराकर उन्हें सीधे फायदा पहुंचाएगा।
स्टार्टअप और रोजगार के नए अवसर
सीएम ने कहा कि सरकार एमएसएमई (MSME), नए स्टार्टअप और हथकरघा को बढ़ावा देने के लिए काम कर रही है. उन्होंने जानकारी दी कि राज्य में ‘पीएम मित्र पार्क’ के माध्यम से लगभग तीन लाख लोगों को रोजगार मिलेगा. इस पार्क से न केवल वहां काम करने वालों को काम मिलेगा, बल्कि खेतों में काम करने वाले किसानों को भी बड़ा आर्थिक लाभ होगा. साथ ही, मेट्रोपॉलिटन सिटी बनने से स्थानीय उत्पादों और पर्यटन क्षेत्र को एक नया बढ़ावा मिलेगा।
पारदर्शिता के साथ होगी भर्ती प्रक्रिया
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2023 से अब तक विभिन्न संवर्गों में 14 हजार 704 से अधिक अभ्यर्थियों का चयन किया जा चुका है। पुलिस बैंड और एकएसएल की भर्ती भी अंतिम दौर में है। वर्ष 2026 में भी विभिन्न पदों पर 9 हजार 751 पुलिसकर्मियों की भर्ती के लिए मंजूरी दी गई है। हमारी कोशिश है कि आगामी 2 सालों में आरक्षक और सब इंस्पेक्टर के जितने पदों पर भर्ती शेष है, उसे भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा। मध्यप्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड ने पूरी पारदर्शिता के साथ प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है।
सभी चुनौतियों से निपटने में सक्षम एमपी पुलिस
कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने कहा कि सब इंस्पेक्टर और सूबेदार के पदों पर भर्ती के लिए 2025 में नए नियम तैयार किए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 7500 नए पदों पर भर्ती प्रक्रिया को मंजूरी प्रदान की है। 2025 में मंजूर किए गए सिपाही, सूबेदार और सब इंस्पेक्टर पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूर्ण हो रही है। इस वर्ष 9662 विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए स्वीकृति मिली है।
आजादी के बाद से नक्सलवाद देश के लिए आंतरिक सुरक्षा की सबसे बड़ी समस्या थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश की धरती से नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने में पुलिस विभाग की हॉक फोर्स ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रदेश की हॉक फोर्स में 325 पद और विशेष सहयोगी दस्ते में भी 882 पदों पर भर्ती की गई है। इन्हीं प्रयासों से मध्यप्रदेश सबसे पहले नक्सलवाद से मुक्त होने वाला राज्य बना है। पुलिस विभाग में अनुशासन का बड़ा महत्व है। परेड से अनुशासन बढ़ता है। इसके लिए बैंड दस्ते में भर्ती प्रक्रिया चल रही है। सभी इकाइयों को जल्द ही पुलिस बैंड उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि नवीन आपराधिक कानूनों को लागू कराने में एफएसएल का बड़ा महत्व है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एफएसएल में नई भर्ती के लिए भी स्वीकृति प्रदान की। सिंहस्थ 2028 प्रदेश का एक मेगा इवेंट होगा। पूरे देश से श्रद्धालु उज्जैन आएंगे।
पिछले दो वर्षों में पुलिस विभाग ने 18 हजार से अधिक पदों पर नई नियुक्तियां की हैं। उन्होंने कहा कि यह पुलिस बल प्रशिक्षण के बाद सिंहस्थ ड्यूटी के लिए उपलब्ध होगा। नई भर्तियों से आंतरिक सुरक्षा और अपराध नियंत्रण को मजबूती मिलेगी। पुलिस विभाग में सालों से लंबित पदोन्नति की सौगात मिलने से अधिकारी और कर्मचारियों का मनोबल बढ़ा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस में सबसे अधिक 27 हजार से अधिक प्रमोशन हुए हैं। सभी पुलिसकर्मी पूर्ण समर्पण से कार्य करेंगे और अच्छे परिणाम मिलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पुलिसकर्मियों के कल्याण के लिए सदैव तत्पर हैं। मध्यप्रदेश पुलिस सभी चुनौतियों से निपटने में सक्षम है।
पुलिस की आत्मीय कहानियां
उज्जैन जिले में पदस्थ पदोन्नत डीएसपी दीपिका शिंदे ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हमारे कई साथी दो दशक से सेवाएं दे रहे हैं और कई अब सेवानिवृत्ति की ओर हैं। परिवार के सपने हमारी पदोन्नति से जुड़े होते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्णय से हमारी सेवा को सम्मान मिला है। मुझे तीन वर्ष कार्यवाहक डीएसपी पद पर कार्य करने के बाद पदोन्नति मिली है। इसके लिए हम सभी अधिकारी और कर्मचारी आभार व्यक्त करते हैं।
निरीक्षक रीना चौहान ने कहा कि प्रदेश में पदोन्नति प्रक्रिया शुरू होने से मेरे परिवार में तीन सदस्यों को इसका लाभ मिला है। पदोन्नति से एक कर्मचारी में निष्ठा और ऊर्जा का संचा होता है। कर्मचारियों के इंतजार को खुशी में बदलने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त करती हूं। प्रशिक्षु डीएसपी विनय कुमार डहरवाल ने कहा कि मैं बालाघाट जिले का निवासी हूं। कुछ समय पूर्व तक यह क्षेत्र नक्सल प्रभावित था।
मेरी स्कूली शिक्षा गांव में पूरी हुई। लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास करने पर मुझे वर्ष 2022 में डीएसपी पद मिला। मेरी सफलता से क्षेत्रवासियों में नई ऊर्जा मिली है। हम अपने देश भक्ति और सेवा के जज्बे को जमीन पर उतारेंगे। महिला आरक्षण (नवीन भर्ती) आस्था शर्मा ने कहा कि बचपन से मेरा सपना खाकी वर्दी पहनने का था। शादी और बच्चों के बाद पुलिस विभाग में मेरा चयन महिलाओं के लिए गौरव की बात है। कार्यक्रम में एडीजी एसएएफ चंद्रशेखर ने अभिनंदन पत्र को पढ़ा और स्पेशल डीजी एडमिनिस्ट्रेशन आदर्श कटियार ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव गृह संजय शुक्ला, स्पेशल डीजी सीआईडी पंकज श्रीवास्तव, आईजी एडमिन हरिनारायणचारी मिश्र सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

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