राजेंद्र ग्राम
छबिलाल-विकासखंड पुष्पराजगढ़ के शासकीय प्राथमिक विद्यालय लंघवा टोला के विद्यार्थी आंगनवाड़ी केंद्र में पढ़ने को मजबूर हो रहे हैं। जहां छोटे बच्चों की खिलौने होने चाहिए वहां बड़े बच्चे जमीन पर बैठकर पढ़ रहे हैं। 4 साल 15 लाख फिर भी एक कमरा नहीं क्या लांघवा टोला के बच्चों का भविष्य इतना सस्ता है? जिम्मेदार अफसर और जन प्रतिनिधि जवाब दें कलेक्टर अनूपपुर शिक्षा विभाग लंघवा टोला स्कूल 4 साल का धोखा 15 लाख कहां गए आंगनबाड़ी बना स्कूल शिक्षा का अधिकार शासकीय प्राथमिक विद्यालय लंघवा टोला में अतिरिक्त कक्ष भी अधूरा पड़ा हुआ हैं। अगर पास में जाकर अतिरिक्त भवन को तो साफ साफ दिखाई देता है कि अगर छत भी पड़ा तो छत का लोड उठाने के लिए दीवाल भी जवाब देने को मजबूर रहेंगे कि मैं छत का लोड अपने सिर में रोक नहीं पाऊंगा।इस तरीके से अतिरिक्त भवन अपूर्ण अवस्था में दम तोड़ने को मजबूर दिखाई देती है।
11 साल से सरिया गिर रहे हैं बच्चे
प्राथमिक विद्यालय में 2014 में अतिरिक्त कक्ष की स्वीकृति आई थी काम हुआ सिर्फ टॉप बीम यानी नींव तक। तब से सरिया ऐसे ही बाहर निकल पड़े हैं। 2023 24 में 15 लाख की नई स्वीकृति आई वह भी कागजों में फंसी पड़ी है जिसमें 15 बच्चे प्राथमिक विद्यालय एवं 12 आंगनवाड़ी के बच्चे सहित कुल 27 बच्चों को एक ही कमरे में ठोस कर पढ़ने को मजबूर हो रहे बच्चे बरसात में छत टपकती है सरकार सो रही है।

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