जगदलपुर.
बस्तर के घने जंगलों की सुरक्षा अब आधुनिक तकनीक के भरोसे और मजबूत होती नजर आ रही है. वन विभाग ने कांकेर वन मंडल के सहयोग से थर्मल इमेजिंग ड्रोन के जरिए रात्रिकालीन निगरानी शुरू की है. इस तकनीक से अंधेरे और घने जंगलों में भी वन्यजीवों की गतिविधियां आसानी से देखी जा रही हैं.
हालिया निगरानी के दौरान हिरणों के झुंड भी कैमरे में कैद हुए हैं. थर्मल तकनीक शरीर की ऊष्मा के आधार पर जीव-जंतुओं और मानव गतिविधियों की पहचान करती है. इससे अवैध शिकार, लकड़ी तस्करी और जंगलों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना आसान हुआ है. वन विभाग को भालू, तेंदुआ, हाथी सहित अन्य वन्यजीवों की मौजूदगी की सटीक जानकारी मिल रही है.
रात्रिकालीन गश्त पहले की तुलना में अधिक प्रभावी साबित हो रही है. वनकर्मियों की सुरक्षा में भी इस तकनीक से मदद मिल रही है. अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही बस्तर वन मंडल को अपना थर्मल ड्रोन भी उपलब्ध कराया जाएगा. आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से जैव विविधता संरक्षण को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है. वन विभाग भविष्य की वन सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा मान रहा है.

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