सनातन धर्म में तुलसी के पौधे को सिर्फ एक पौधा नहीं, बल्कि मां लक्ष्मी का रूप माना गया है. अमूमन हर हिंदू घर के आंगन में तुलसी का पौधा दिख ही जाता है. लेकिन आजकल फ्लैट कल्चर और जगह की कमी के चलते लोग इसे घर के मुख्य द्वार (Main Gate) पर लगाने लगे हैं. अगर आप भी ऐसा कर रहे हैं, तो जरा संभल जाइए!
वास्तु शास्त्र के अनुसार, मुख्य द्वार पर तुलसी का पौधा लगाना आपकी सोई हुई किस्मत को चमका भी सकता है और एक छोटी सी लापरवाही आपको पाई-पाई के लिए मोहताज भी कर सकती है. आइए जानते हैं कि मुख्य द्वार पर तुलसी रखने का सही नियम और इससे जुड़े भयंकर वास्तु दोष क्या हैं.
क्या मुख्य द्वार पर तुलसी लगाना सही है?
वास्तु विज्ञान के अनुसार, घर के मुख्य द्वार पर तुलसी का पौधा लगाया जा सकता है, क्योंकि यह मुख्य दरवाजे से आने वाली किसी भी तरह की नेगेटिव एनर्जी को सोख लेता है और घर में सिर्फ पॉजिटिविटी को एंट्री देता है. लेकिन ऐसा करने के कुछ कड़े नियम हैं:
दिशा का रखें खास ख्याल: मुख्य द्वार पर तुलसी तभी रखें जब आपका दरवाजा उत्तर (North) या पूर्व (East) दिशा में खुलता हो. दक्षिण (South) दिशा की तरफ मुंह वाले दरवाजे पर भूलकर भी तुलसी न रखें, यह भारी कंगाली का कारण बन सकता है.
साफ-सफाई है सबसे जरूरी: अगर मुख्य द्वार पर तुलसी है, तो वहां जूते-चप्पल का ढेर, डस्टबिन या झाड़ू भूलकर भी न रखें. माता लक्ष्मी के इस रूप के पास गंदगी होने से घर में क्लेश और आर्थिक तंगी पैर पसारने लगती है.
सूखा पौधा तुरंत हटाएँ: अगर किसी वजह से मुख्य द्वार पर रखी तुलसी सूख जाती है, तो उसे तुरंत नदी में प्रवाहित करके नया पौधा लगाएं. सूखा पौधा सीधे तौर पर कंगाली को न्योता देता है.
शाम को दीया जलाना न भूलें: यदि पौधा मुख्य द्वार पर है, तो रोज शाम को वहां एक घी का दीपक जरूर जलाएं. इससे घर का वास्तु दोष दूर होता है और तरक्की के नए रास्ते खुलते हैं.

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