जबलपुर
पड़ोसी के 8 वर्षीय बच्चे को पालतू कुत्ते के काटने के मामले में न्यायालय ने करीब छह साल बाद कुत्ते के मालिक को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (जेएमएफसी) दीप्ती चौहान ने आरोपी को कोर्ट उठने तक के साधारण कारावास और 1,000 रुपये के जुर्माने से दंडित किया है।
अभियोजन के अनुसार, सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित कौशल्या अपार्टमेंट के पास रहने वाले सलीम रहमान 27 अक्टूबर 2020 को अपनी पंचर मोटरसाइकिल को पैदल मरम्मत के लिए ले जा रहे थे। उनका 8 वर्षीय बेटा अतौर रहीम रहमान पीछे-पीछे दौड़ रहा था। इसी दौरान पड़ोसी गैविन डिसूजा के पालतू कुत्ते ने बच्चे को काट लिया।
घटना के बाद आरोपी के घर के बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि जब बच्चे का इलाज कराने और कुत्ते को बांधकर रखने की बात कही गई तो गैविन डिसूजा ने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी।
सलीम रहमान ने घटना की शिकायत सिविल लाइन थाने में दर्ज कराई थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 289, 294 और 506 (भाग-बी) के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में चालान पेश किया।
सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को धारा 294 और 506 (भाग-बी) के आरोपों से बरी कर दिया। हालांकि, जानवर को लापरवाही से छोड़ने (धारा 289) के अपराध में दोषी मानते हुए कोर्ट उठने तक के कारावास और 1,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से एसडीओपी रवि कुमार मौर्य ने पैरवी की।

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