चंडीगढ़
भारतीय पहलवान विनेश फोगाट (Vinesh Phogat) एक बार फिर सुर्खियों में हैं. इंटरनेशनल टेस्ट एजेंसी (ITA) ने उन्हें दिसंबर 2025 में डोप टेस्ट मिस करने के मामले में नोटिस जारी किया है. यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब वह नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट के जरिए वापसी की तैयारी कर रही हैं।
ITA के अनुसार, 18 दिसंबर 2025 को एक डोपिंग कंट्रोल ऑफिसर (DCO) तय समय पर जांच के लिए पहुंचे थे, लेकिन विनेश को लोकेट नहीं कर सके. इस पूरे मामले की समीक्षा के बाद 4 मई 2026 को उन्हें आधिकारिक नोटिस भेजा गया।
नियमों के मुताबिक, Registered Testing Pool (RTP) में शामिल खिलाड़ियों को रोजाना सुबह 6 बजे से रात 11 बजे के बीच एक घंटे का स्लॉट तय करना होता है, जिसमें वे बिना किसी पूर्व सूचना के टेस्ट के लिए उपलब्ध रहें. विनेश इस नियम का पालन करने में नाकाम रहीं।
अपनी सफाई में विनेश ने बताया कि वह उस दिन बेंगलुरु से चंडीगढ़ यात्रा कर रही थीं. इसके अलावा उन्होंने यह भी जानकारी दी कि उन्होंने हाल ही में एक बच्चे को जन्म दिया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, टेस्ट मिस होने के बाद उन्होंने DCO के साथ सहयोग भी किया. उन्होंने यह भी कहा कि वह हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र से जुड़ी एक मीटिंग के लिए चंडीगढ़ में थीं।
हालांकि, ITA उनकी दलीलों से संतुष्ट नहीं हुआ. एजेंसी ने कहा कि विनेश यह साबित नहीं कर पाईं कि उनकी ओर से कोई लापरवाही नहीं हुई, खासकर तब जब उन्होंने टेस्ट से पहले या उसी दिन SMS, ईमेल या ऐप के जरिए अपनी लोकेशन अपडेट नहीं की।
विनेश फोगाट अब क्या कर सकती हैं?
अब विनेश के पास 4 मई से एक हफ्ते का समय है, जिसमें वह इस फैसले के खिलाफ प्रशासनिक समीक्षा की मांग कर सकती हैं. अगर यह साबित होता है कि यह चूक लापरवाही के कारण हुई, तो ITA का फैसला अंतिम माना जाएगा।
फिलहाल राहत की बात यह है कि यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) और वर्ल्ड एंटी-डोपिंग एजेंसी के नियमों के अनुसार एक बार टेस्ट मिस करने पर कोई सस्पेंशन नहीं होता. लेकिन अगर 12 महीनों के भीतर तीन बार ऐसा होता है, तो खिलाड़ी को दो साल तक के बैन का सामना करना पड़ सकता है।
दिलचस्प बात यह है कि यह नोटिस उन्हें उस समय मिला है, जब उन्होंने हाल ही में पूर्व WFI प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं. विनेश ने दावा किया कि वह उन छह पीड़ितों में शामिल हैं. इसके अलावा, उन्होंने गोंडा में होने वाले नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में पक्षपात को लेकर भी चिंता जताई थी. हालांकि WFI अध्यक्ष संजय सिंह ने उन्हें निष्पक्ष मौका देने का भरोसा दिलाया है।

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