भोपाल
उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने रविवार हरिहर धाम स्थित खेत का भ्रमण कर वहां अपनाई जा रही प्राकृतिक खेती की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने खेत में इस्तेमाल हो रहे प्राकृतिक खाद और जीवामृत के निर्माण व प्रयोग की प्रक्रिया का बारीकी से अवलोकन किया। शुक्ल ने मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और जल संरक्षण के लिए अपनाए गए विशेष उपायों की सराहना करते हुए कहा कि पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए पारंपरिक कृषि पद्धतियों की ओर लौटना अनिवार्य है।
निरीक्षण के दौरान उप मुख्यमंत्री ने उपस्थित सहायकों और कृषि विशेषज्ञों को रसायन मुक्त खेती की तकनीकों को और अधिक प्रभावी बनाने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खेती में रसायनों का न्यूनतम उपयोग न केवल लागत कम करता है, बल्कि भूमि की उपजाऊ शक्ति को भी दीर्घकालिक लाभ पहुँचाता है। शुक्ल ने प्राकृतिक कृषि को आधुनिक समय की मांग बताते हुए इसे जन-आंदोलन के रूप में प्रसारित करने की बात कही, ताकि आने वाली पीढ़ियों को शुद्ध आहार और सुरक्षित वातावरण मिल सके।

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