भोपाल
मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ले ली है. जहां एक तरफ कई जिलों में तापमान 42 से 45 डिग्री के बीच बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने लोगों को राहत के साथ परेशानी भी दी है. मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में राज्य के 17 जिलों में तेज आंधी, गरज-चमक और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है. इस बदलाव के पीछे पश्चिमी विक्षोभ और ट्रफ लाइन की सक्रियता को वजह माना जा रहा है, जो मध्य भारत के मौसम को तेजी से प्रभावित कर रही है. मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर न रहें. पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें और यात्रा करते समय सावधानी बरतें. किसानों को भी फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम करने को कहा गया है।
मौसम के इस दोहरे प्रभाव ने आम जनजीवन को प्रभावित किया है. एक तरफ लू जैसे हालात हैं तो दूसरी ओर अचानक तेज हवाओं के साथ बारिश से तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है. विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्थिति अगले कुछ दिनों तक बनी रह सकती है, जिससे किसानों, यात्रियों और शहरी जीवन पर मिश्रित असर पड़ेगा. प्रशासन ने भी सतर्कता बढ़ाते हुए लोगों को सुरक्षित रहने और मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी है.अगले 2 से 3 दिनों तक प्रदेश में यही स्थिति बनी रह सकती है. कहीं गर्मी तो कहीं आंधी-बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. इसके बाद तापमान में धीरे-धीरे स्थिरता आने की संभावना जताई गई है।
इन 17 जिलों में अलर्ट जारी
मौसम विभाग के अनुसार ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, सिवनी और बालाघाट जिलों में तेज आंधी और ओलावृष्टि की संभावना है. इन इलाकों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिससे बिजली गिरने और पेड़ गिरने का खतरा भी बना रहेगा।
इन जिलों में भीषण गर्मी का असर
राजधानी भोपाल समेत रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, रीवा, सतना, मैहर, पन्ना, कटनी, दमोह, जबलपुर, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में गर्मी का प्रकोप जारी है. यहां दिन का तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री ज्यादा रिकॉर्ड किया जा रहा है।
उमरिया-मुरैना में ओले भी गिरे। IMD (मौसम केंद्र) ने शुक्रवार को ग्वालियर समेत 17 जिलों में अलर्ट जारी किया है। गुरुवार को सुबह से रात तक बारिश का दौर बना रहा।भोपाल और ग्वालियर के साथ सतना, श्योपुर, टीकमगढ़, रायसेन, बालाघाट, छतरपुर, मुरैना, सागर, पन्ना, मैहर, उमरिया, रीवा में भी कहीं तेज आंधी-बारिश तो कहीं ओलावृष्टि का दौर जारी रहा। भोपाल में तेज आंधी चलने से कोलार रोड समेत कई इलाकों में पेड़ भी उखड़ गए। देर रात तक प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला रहा।
आज इन जिलों में बारिश के आसार
शुक्रवार को जिन जिलों में आंधी-बारिश का अनुमान है, उनमें ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, सिवनी और बालाघाट शामिल हैं।
दूसरी ओर, भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, रीवा, मऊगंज, सतना, मैहर, पन्ना, कटनी, दमोह, जबलपुर, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में गर्मी का असर बना रहेगा। हालांकि, शाम को कुछ जिलों में तेज आंधी भी चल सकती है।
क्यों बदला मौसम का मिजाज
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और मध्य भारत में बनी ट्रफ लाइन के कारण यह बदलाव हो रहा है. नमी और गर्म हवाओं के टकराव से गरज-चमक और ओलावृष्टि की स्थिति बन रही है. यही कारण है कि एक ही समय में अलग-अलग जिलों में अलग मौसम देखने को मिल रहा है।
किसानों और आम लोगों पर असर
इस मौसम का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ सकता है. ओलावृष्टि से खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है, वहीं तेज आंधी से बिजली और यातायात व्यवस्था प्रभावित हो सकती है. शहरी क्षेत्रों में भी अचानक बारिश से ट्रैफिक और जलभराव की समस्या बढ़ सकती है।

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