नारायणपुर.
नारायणपुर जिले के कोडिल्यार क्षेत्र से दुर्लभ जीव दिखने की खबर चर्चा में है। रात गश्त के दौरान जवानों ने लेपर्ड गेको का वीडियो रिकॉर्ड किया। विशेषज्ञ इसे जैव विविधता का सकारात्मक संकेत मान रहे हैं। ऐसी प्रजातियां उन्हीं क्षेत्रों में मिलती हैं जहां पर्यावरण संतुलित हो।
दुर्लभ छिपकली का रंग और बनावट इसे अलग पहचान देते हैं।अबूझमाड़ के जंगलों की समृद्धि एक बार फिर सामने आई है। लेकिन इसी क्षेत्र में विकास और खनन गतिविधियों की आहट भी है। ऐसे में संरक्षण बनाम विकास की बहस तेज हो सकती है। स्थानीय लोग पहले भी दुर्लभ जीव दिखने की बातें बताते रहे हैं। पहली बार फोटो और वीडियो सामने आने से चर्चा बढ़ी है। यह दृश्य बताता है कि प्रकृति अब भी जीवित है। अब सवाल है क्या हम इसे बचा पाएंगे?

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