बस्तर.
बस्तर जिले में बाल विवाह के खिलाफ प्रशासन ने पहली बार कड़ा रुख अपनाया है. नगर कोतवाली में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई. मामला जगदलपुर ब्लॉक के 21 मार्च 2026 को हुए विवाह समारोह से जुड़ा है. शुरुआत में यह सामान्य शादी लगी, लेकिन शिकायत के बाद जांच शुरू हुई.
जांच में सामने आया कि वधु की उम्र 18 वर्ष से कम थी. सत्यापन के बाद बाल संरक्षण विभाग ने तत्काल कानूनी कार्रवाई की. वर और वधु पक्ष के कुल 5 लोगों को आरोपी बनाया गया है. जिले में चार वर्षों में 15 मामले सामने आने की जानकारी मिली है. पहले ऐसे मामलों में समझाइश देकर छोड़ने की परंपरा रही. अब प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून से समझौता नहीं होगा. 18 से कम लड़की और 21 से कम लड़के की शादी अपराध है. दोषियों को 2 साल सजा या 1 लाख जुर्माना हो सकता है. यह कार्रवाई सामाजिक सुधार की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है.

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