भोपाल.
मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा सामुदायिक पुलिसिंग के अंतर्गत भोपाल के महिला थाने में आयोजित एक प्रभावी एवं संवेदनशील कार्यक्रम में United Nations Population Fund (UNFPA) की गुडविल एंबेसडर कृति सेनन ने सहभागिता कर प्रदेश में संचालित जनोन्मुखी पुलिसिंग मॉडल की सराहना की।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सामुदायिक पुलिसिंग के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों, विशेषकर महिलाओं, बच्चों एवं वंचित समुदायों के सशक्तिकरण हेतु किए जा रहे प्रयासों को प्रदर्शित करना था। कार्यक्रम में सामाजिक संगठनों, सर्वाइवर्स, विद्यार्थियों एवं बच्चों की सक्रिय भागीदारी रही, जिससे यह आयोजन बहुआयामी एवं प्रभावशाली स्वरूप में सामने आया।
कार्यक्रम में स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों द्वारा अपने विचार साझा किए गए, जिसमें ‘आरंभ’ संस्था की अर्चना सहाय एवं ‘संगिनी’ संस्था की प्रार्थना मिश्रा ने सामाजिक मुद्दों पर अपने अनुभव एवं सुझाव प्रस्तुत किए।
इसके बाद सर्वाइवर्स के साथ संवाद सत्र आयोजित किया गया, जो कार्यक्रम का सबसे संवेदनशील पक्ष रहा। "नातरा प्रथा" एवं विभिन्न प्रकार की प्रताड़ना से प्रभावित महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए। अभिनेत्री कृति सेनन ने उनसे संवाद कर उनके आत्मविश्वास को सुदृढ़ करने का महती प्रयास किया।
कार्यक्रम में बीएसएस कॉलेज के ‘मयार ग्रुप’ द्वारा नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया, जिसमें नशा, नातरा प्रथा एवं बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के दुष्प्रभावों को प्रभावी रूप से प्रस्तुत करते हुए जनजागरूकता का संदेश दिया गया।
‘सृजन कार्यक्रम’ के अंतर्गत थाना छोला क्षेत्र की स्लम बस्ती के बच्चों द्वारा मार्शल आर्ट का प्रदर्शन किया गया। कृति सेनन ने बच्चों के उत्साह एवं आत्मविश्वास की सराहना करते हुए एक बालिका से आत्मरक्षा के कुछ गुर भी सीखे, जिससे बच्चों का मनोबल और अधिक बढ़ा।
कार्यक्रम के बाद ब्रांड एंबेसडर कृति सेनन द्वारा थाना परिसर का अवलोकन किया गया, जहां उन्हें सामुदायिक पुलिसिंग की विभिन्न पहल, जनसहभागिता आधारित मॉडल एवं संवेदनशील पुलिसिंग के प्रयासों की विस्तृत जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों द्वारा समाज में विश्वास निर्माण, सहयोग एवं सहभागिता आधारित पुलिसिंग के महत्व पर प्रकाश डाला गया।
कृति सेनन ने समापन पर ‘शक्ति कैफे’ का भ्रमण कर वहां संचालित गतिविधियों की सराहना की तथा मध्यप्रदेश पुलिस की इस पहल को समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों के सशक्तिकरण की दिशा में एक सराहनीय एवं अनुकरणीय प्रयास बताया।
यह आयोजन मध्यप्रदेश पुलिस की संवेदनशील एवं जनोन्मुखी कार्य प्रणाली का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जो समाज में विश्वास, सुरक्षा एवं सहभागिता की भावना को सुदृढ़ करते हुए समावेशी, मानवीय एवं भरोसेमंद पुलिसिंग की दिशा में उसकी सतत् प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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