वाशिंगटन
फेसबुक की पेरेंट कंपनी Meta एक बड़ा फैसला लेने जा रही है. कंपनी बड़े स्तर पर छंटनी की तैयारी कर रही है, जिसमें वह दुनियाभर से अपने कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाएगा. मार्क जकरबर्ग की कंपनी लगातार आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर मोटी रकम इनवेस्ट कर रही है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट्स, कंपनी की छंटनी की वजह से मेटा के 20 परसेंट वर्कफोर्स पर असर पड़ेगा. जानकारी के मुताबिक, 31 दिसंबर तक मेटा के पास करीब 79 हजार कर्मचारी थे. ऐसे में इसका 20 परसेंट कर्मचारियो को बाहर का रास्ता दिखाएंगे, तो करीब 15 हजार कर्मचारियों को अपनी नौकरी गंवानी पड़ेगी।
AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च होगी मोटी रकम
मार्क जबरकर्ब की फर्म का प्लान है कि वह साल 2028 तक AI इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर 600 बिलियन अमेरिका डॉलर (55 लाख करोड़ रुपये) का इनवेस्टमेंट करेंगे।
जकरबर्ग पहले ही संकेत दे चुके हैं कि AI के पास ताकत है कि वह चीजों को आसान बनाती है. ऐसे में विशाल टीम के बिना भी कई काम किए जा सकेंगे।
जकरबर्ग ने जनवरी में कहा था कि जिन प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए एक बड़ी टीम की जरूरत थी. अब उस काम को एक प्रतिभाशाली शख्स कर सकता है।
2022 से भी बड़ी होगी छंटनी
अगर मेटा अपनी कंपनी में से 20 परसेंट लोगों को बाहर का रास्ता दिखाता है तो यह कंपनी की तरफ से जाने वाली एक बड़ी छंटनी होगी. साल 2022 के नवंबर में कंपनी ने 11,000 लोगों को नौकरी से निकाल दिया था और चार महीने के बाद 10 हजार लोगों की छंटनी की थी।
सीनियर ऑफिसर्स को बताया जा चुका है
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी ने बड़े स्तर पर बैठे अधिकारियों को बता दिया है कि बड़ी छंटनी के लिए तैयार हो जाएं. हालांकि अभी तक इसकी कोई डेट का ऐलान नहीं किया गया है।

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