मुंबई
मध्य पूर्व में संघर्ष के चलते भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार के कारोबारी सत्र में बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 1,097 अंक या 1.37 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 78,918.90 और निफ्टी 315.45 अंक या 1.27 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 24,450.45 पर था। बाजार में गिरावट बैंकिंग शेयरों की तरफ से आई। निफ्टी बैंक 2.15 प्रतिशत की गिरावट के साथ 57,783.25 पर बंद हुआ। इसके अलावा, निफ्टी रियल्टी 2.09 प्रतिशत, निफ्टी पीएसयू बैंक 2.01 प्रतिशत, निफ्टी सर्विसेज 1.81 प्रतिशत, निफ्टी ऑटो 1.06 प्रतिशत, निफ्टी कंजप्शन 1.02 प्रतिशत, निफ्टी इन्फ्रा 0.89 प्रतिशत और निफ्टी मीडिया 0.58 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ।
दूसरी तरफ निफ्टी इंडिया डिफेंस 2.77 प्रतिशत, निफ्टी एनर्जी 0.13 प्रतिशत, निफ्टी पीएसई 0.12 प्रतिशत और निफ्टी आईटी 0.04 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुआ। लार्जकैप की अपेक्षा मिडकैप और स्मॉलकैप में कम बिकवाली देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.69 प्रतिशत या 399.20 अंक की कमजोरी के साथ 57,393.35 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 39.90 अंक की गिरावट के साथ 16,498.90 पर था। सेंसेक्स पैक में बीईएल, सनफार्मा, एनटीपीसी, इन्फोसिस और एचसीएल टेक गेनर्स थे। आईसीआईसीआई बैंक, इटरनल, एक्सिस बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट,एचडीएफसी बैंक, एसबीआई, बजाज फिनसर्व, एलएंडटी, इंडिगो, मारुति सुजुकी, भारती एयरटेल, ट्रेंट, कोटक महिंद्रा बैंक, बजाज फाइनेंस और एचयूएल लूजर्स थे।
बाजार में बड़ी गिरावट के पीछे बड़ा कारण अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच युद्ध का जारी रहना है। युद्ध के लंबा चलने से अब एनर्जी की आपूर्ति को भी जोखिम पैदा हो गया है, जिससे निवेशकों के सेंटीमेंट पर नकारात्मक प्रभाव हुआ है। इसके अलावा, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की लगातार बिकवाली भी भारतीय शेयर बाजार पर दबाव बनाने का काम कर रही है। एफआईआई ने गुरुवार को 3,752.52 करोड़ रुपए के इक्विटी की बिकवाली की थी। युद्ध के चलते कच्चे तेल में भी तेजी जारी है। डब्ल्यूटीआई क्रूड करीब 80 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड का दाम 84 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है।

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