लखनऊ
उत्तर प्रदेश में रमजान के पवित्र महीने से पहले लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को लेकर सियासत गरमा गई है। एक ओर जहां समाजवादी पार्टी (सपा) इसे पाबंदी के तौर पर पेश कर रही है, वहीं सरकार ने स्पष्ट किया है कि नियम सबके लिए समान हैं। योगी सरकार के मंत्री दानिश आज़ाद अंसारी ने सपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि विपक्षी दल मुसलमानों को डराकर और गुमराह करके अपनी राजनीतिक रोटियां सेंक रहा है। कहा कि लाउडस्पीकर पर कोई मनाही नहीं है।
क्या है पूरा विवाद?
विवाद की शुरुआत कल विधानसभा में हुई, जब सपा विधायक कमाल अख्तर ने मांग की कि रमजान के दौरान सहरी और इफ्तार की सूचना देने के लिए मस्जिदों पर लाउडस्पीकर बजाने की विशेष अनुमति दी जाए। उन्होंने तर्क दिया कि त्योहारों पर सरकार छूट देती है। हालांकि, संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने इस मांग को खारिज करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत ही धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर उतारे गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लाउडस्पीकर की परंपरा उस दौर की है जब घड़ियां नहीं होती थीं, अब इसकी वैसी आवश्यकता नहीं है।
दानिश अंसारी का सपा पर प्रहार
आज इस मुद्दे पर सफाई देते हुए मंत्री दानिश आज़ाद अंसारी ने कहा कि लाउडस्पीकर पर कोई पूर्ण पाबंदी नहीं है। उन्होंने कहा, "समाजवादी पार्टी के नेताओं को भ्रामक बयान देने में मज़ा आता है। मैं जिम्मेदारी से कहता हूं कि मानक के अनुसार और प्रशासन से विधिवत अनुमति लेकर मस्जिदों, मंदिरों, गुरुद्वारों और चर्च, सभी जगहों पर लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति है।"
दानिश अंसारी ने उदाहरण देते हुए कहा, "हम अभी विधानसभा परिसर में खड़े हैं। अगर आप शाम को लोकभवन के सामने मुख्य गेट पर जाएंगे, तो आपको मगरिब की अजान साफ़ सुनाई देगी। यह इस बात का प्रमाण है कि लाउडस्पीकर बज रहे हैं, लेकिन वे तय मानकों और डेसिबल सीमा के भीतर हैं।"
सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का हवाला
मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार केवल सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का पालन कर रही है, जो रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर के शोर को प्रतिबंधित करती है। उन्होंने कहा कि हर धार्मिक स्थल इन नियमों का पालन कर रहा है। सपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि आज यूपी का मुसलमान खुशहाल और समृद्ध है, लेकिन सपा उन्हें काल्पनिक डर दिखाकर विकास की मुख्यधारा से दूर रखना चाहती है।
उन्होंने मुस्लिम समाज से अपील की कि वे सपा के बहकावे में न आएं और प्रदेश की शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का मकसद किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं, बल्कि न्यायालय के आदेशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करना है।

More Stories
8th Pay Commission: इन कर्मचारियों को नहीं मिलेगा प्रमोशन? संसद में सरकार ने दिया साफ जवाब, जानें किस पर पड़ेगा असर
Rule Change From 1st August: LPG से बैंकिंग और तत्काल टिकट तक, 1 अगस्त से बदल जाएंगे ये 5 बड़े नियम; हर परिवार पर पड़ेगा असर
भगवान जगन्नाथ पर बनी एनिमेशन फिल्म पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, याचिका खारिज