कोलकाता
पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की शुरुआत हो चुकी है। इस पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का रवैया भी सामने आया है। ममता ने एसआईआर के दूसरे चरण की शुरुआत का विरोध करते हुए कोलकाता में रैली निकाली है। ममता की पार्टी, सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने इस प्रक्रिया को भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग द्वारा की गई ‘चुपचाप अदृश्य हेराफेरी’ करार दिया है।
3.8 किमी लंबी रैली
अपने भतीजे और तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के साथ मुख्यमंत्री ने रेड रोड स्थित बीआर अंबेडकर की प्रतिमा से 3.8 किलोमीटर लंबी रैली शुरू की। यह मार्च रवींद्रनाथ टैगोर के पैतृक घर जोरासांको ठाकुर बाड़ी पर समाप्त होगा। हजारों की संख्या में तृणमूल समर्थक रैली मार्ग पर उमड़ पड़े, वे पार्टी के झंडे लहरा रहे थे, नारे लगा रहे थे और रंग-बिरंगे पोस्टर लिए हुए थे।
लोगों का अभिवादन
अपनी विशेष पहचान सफेद सूती साड़ी और चप्पल पहने बनर्जी ने रैली का नेतृत्व किया और बीच-बीच में बालकनी और फुटपाथों पर खड़े लोगों का अभिवादन करने के लिए रुकीं। मुख्यमंत्री के बाद अभिषेक बनर्जी भी आए और उन्होंने भीड़ की ओर हाथ हिलाकर अभिवादन किया। उनके साथ तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मंत्री भी थे।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल सहित 11 अन्य राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) मंगलवार को शुरू हुआ। चुनाव आयोग के बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) ने गणना फॉर्म वितरित करने और मतदाताओं की जानकारी एकत्रित करने के लिए घरों का दौरा करना शुरू कर दिया है। राज्य के बाहर रहने वाले निवासियों के लिए आयोग ने गणना फॉर्म भरने की ऑनलाइन सुविधा प्रदान की है , हालांकि तकनीकी समस्याओं के कारण ऑनलाइन सेवा अभी तक शुरू नहीं हो सकी है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के एक अधिकारी ने कहा कि समस्या का समाधान किया जा रहा है और एक-दो दिन में यह सुविधा उपलब्ध होने की उम्मीद है।

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