भोपाल
अलग-अलग स्थानों पर बनी पांच मौसम प्रणालियों के असर से मध्य प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में रुक-रुककर वर्षा का सिलसिला बना हुआ है। विशेषकर प्रदेश के उत्तरी क्षेत्र के जिलों में भारी वर्षा हो रही है। शेष इलाकों में भी छिटपुट बौछारें पड़ रही हैं।
इसी क्रम में मंगलवार को सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक उज्जैन में 53, सतना में 26, मलाजखंड में 14, नौगांव में 13, इंदौर में 10, उमरिया में आठ, रतलाम में छह, जबलपुर में पांच, भोपाल में चार और दमोह एवं सागर में दो मिलीमीटर वर्षा हुई।
मौसम विज्ञानियों के मुताबिक बुधवार को शाजापुर, बालाघाट, अशोकनगर, शिवपुरी, पार्ढुना एवं राजगढ़ में अति भारी वर्षा होने की संभावना है। इन क्षेत्रों के लिए आरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक, पिछले 24 घंटों के दौरान मंगलवार सुबह साढ़े आठ बजे तक मलाजखंड में 74, उमरिया 56.8, शिवपुरी 48, नर्मदापुरम में 45.1, नौगांव 44.2, मंडला 34.6, नरसिंहपुर 33, जबलपुर 28.8, पचमढ़ी 23.2, खरगोन 18.8, गुना में 10.5 मिलीमीटर वर्षा हुई।
मौसम विज्ञानी अभिलाष श्रीवास्तव ने बताया कि वर्तमान में दक्षिणी उत्तर प्रदेश के मध्य में हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना हुआ है। इस चक्रवात से लेकर उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी तक एक द्रोणिका बनी हुई है, जो उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश, झारखंड, उत्तरी ओडिशा से होकर जा रही है।
मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि उत्तर प्रदेश पर बने चक्रवात के प्रभाव से ग्वालियर, चंबल, सागर, उज्जैन संभाग के जिलों में अच्छी वर्षा हो रही है। शेष क्षेत्रों में भी हल्की से मध्यम वर्षा हो रही है।

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