वाशिंगटन
साल 2020 के आखिर में दुनिया ने पहली बार कोरोना वायरस का प्रकोप झेला। चीन से शुरू हुआ यह वायरस कुछ ही दिनों में पूरी दुनिया में फैल चुका था। सबसे ज्यादा मौतें अमेरिका में हुईं। तब भी अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की सरकार थी। ट्रंप ने चीन के वुहान शहर स्थित खुफिया लैब को इसके पीछे जिम्मेदार ठहराया। ट्रंप कई मौकों पर कोरोना वायरस को चीनी वायरस की संज्ञा दे चुके हैं। अब एक बार फिर नया संकट मंडरा रहा है।
चीन मामलों के शीर्ष अमेरिकी विशेषज्ञ गॉर्डन चांग ने चीन को लेकर एक गंभीर चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका ने सावधानी नहीं बरती तो वह "कोविड से भी बड़े खतरे" का सामना कर सकता है। यह बयान उस घटना के बाद आया है जिसमें दो चीनी वैज्ञानिकों पर अमेरिका में जहरीले फंगस तस्करी के आरोप लगे हैं।
एग्रो-आतंकवाद से जुड़ा मामला
33 वर्षीय यूनकिंग जियान और 34 वर्षीय उनके बॉयफ्रेंड जुनयोंग लियू पर आरोप है कि उन्होंने अमेरिका में 'Fusarium graminearum' नामक फंगस की तस्करी की साजिश रची। यह फंगस गेहूं, जौ, मक्का और चावल में "हेड ब्लाइट" नामक बीमारी फैलाता है और एग्रो-आतंकवाद का संभावित हथियार माना जाता है। यह इंसानों और पशुओं में उल्टी, लिवर डैमेज और प्रजनन क्षमता पर गंभीर असर डाल सकता है।
एक्सपर्ट की क्या चेतावनी
गॉर्डन चांग ने Fox News से बातचीत में कहा, यह फंगस तस्करी "अमेरिका के खिलाफ युद्ध" जैसा है। अगर अमेरिका ने चीन से रिश्ते नहीं तोड़े , तो उसे कोविड, फेंटानिल से भी भयानक हमला झेलना पड़ सकता है। उन्होंने 2020 की उस घटना की भी याद दिलाई, जब चीन से अनचाही बीजों की खेप अमेरिका के सभी 50 राज्यों में भेजी गई थी — जिसे उन्होंने जैविक हमले की कोशिश बताया।
चांग ने आगे कहा, “हम चीन से हार सकते हैं, भले ही हम उनसे ताकतवर हों, क्योंकि हम अपनी रक्षा पूरी ताकत और संकल्प से नहीं कर रहे।” चांग का कहना है कि चीन का कम्युनिस्ट शासन अमेरिका को दुश्मन मानकर ‘जनयुद्ध’ की मानसिकता से काम कर रहा है और अमेरिका को अब कड़े कदम उठाने की जरूरत है। गौरतलब है कि गॉर्डन चांग ‘China Is Going to War’ जैसी चर्चित किताबों के लेखक हैं। वे करीब दो दशकों तक चीन और हांगकांग में रहे हैं और अमेरिकी कानूनी फर्मों में वरिष्ठ पदों पर कार्य कर चुके हैं।

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